10.3 C
London
Tuesday, March 17, 2026
HomeUncategorized8वां वेतन आयोग कब? केंद्रीय कर्मचारियों के मूल वेतन और DA में...

8वां वेतन आयोग कब? केंद्रीय कर्मचारियों के मूल वेतन और DA में तुरंत बढ़ोतरी का नया प्रपोजल

Published on

नई दिल्‍ली

महंगाई के साथ सरकार की कमाई भी बढ़ रही है। ऐसे में केंद्र सरकार के 1 करोड़ से ज्‍यादा कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग की मांग तेज हो गई है। कर्मचारी चाहते हैं कि उनके वेतन, भत्ते और पेंशन की समीक्षा की जाए। नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड, जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी फॉर सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉईज) के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने सरकार से 8वां वेतन आयोग (सीपीसी) जल्द से जल्द गठित करने की गुजार‍िश की है। उन्‍होंने कहा है कि कोरोना महामारी के बाद से सरकारी कमाई और महंगाई दोनों में काफी बढ़ोतरी हुई है। इससे महंगाई भत्ता (डीए) और जरूरी चीजों की बढ़ती कीमतों के बीच का अंतर बढ़ता जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आखिरी वेतन संशोधन 2016 में हुआ था। तब से महंगाई ने कर्मचारियों और पेंशनर की क्रय शक्ति को काफी कम कर दिया है।

वेतन आयोग क्‍या होता है?
वेतन आयोग सरकार की ओर से नियुक्त एक बॉडी होती है। यह केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन ढांचे, भत्तों और लाभों की समीक्षा करती है। फिर उनमें बदलाव की सिफारिश करती है। आमतौर पर हर 10 साल में यह आयोग बैठक करता है। यह आयोग महंगाई जैसे फैक्‍टरों का आकलन करता है। 28 फरवरी, 2014 को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 7वें वेतन आयोग का गठन किया था। इस आयोग ने 19 नवंबर, 2015 को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। इसकी सिफारिशों को 1 जनवरी, 2016 से लागू किया गया था।

8वें वेतन आयोग का गठन कब?
अब सबकी निगाहें 8वें वेतन आयोग पर टिकी हैं। अनुमान है कि इसका गठन 1 जनवरी, 2026 तक हो जाएगा। यह पिछले आयोग के 10 साल बाद होगा। केंद्र की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लेकिन, 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद मोदी सरकार के तीसरी बार सत्ता में आने के साथ ही 1 करोड़ से ज्‍यादा केंद्रीय कर्मचारियों में आठवें वेतन आयोग को लेकर काफी उत्सुकता है।

क्‍या है नया प्रपोजल?
रिपोर्ट के अनुसार, शिव गोपाल मिश्रा ने कैबिनेट सचिव को लिखे पत्र में इन आर्थिक वास्तविकताओं का समाधान करने के लिए नए वेतन आयोग की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि 2015 के बाद से सरकारी राजस्व दोगुना हो गया है। टैक्‍स कलेक्‍शन में भी काफी बढ़ोतरी हुई है। लेकिन, केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन में महंगाई के हिसाब से इजाफा नहीं हुआ है।

मिश्रा ने कहा, ‘बजट के आंकड़ों के अनुसार, केंद्र सरकार का राजस्व वर्ष 2015 से 2023 तक दोगुना हो गया है। हम देख सकते हैं कि राजस्व संग्रह में काफी बढ़ोतरी हुई है। केंद्र सरकार का वास्तविक राजस्व 100% से अधिक बढ़ा है। इसलिए, वर्ष 2016 की तुलना में केंद्र सरकार के पास भुगतान करने की अधिक क्षमता है। अप्रैल 2023 में जीएसटी संग्रह भी बढ़कर 1.87 लाख करोड़ रुपये हो गया है। वर्ष 2022-23 में आयकर संग्रह सबसे अधिक रहा है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में सकल व्यक्तिगत आयकर संग्रह (एसटीटी सहित) (अनंतिम) 9,60,764 करोड़ रुपये है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 24.23% की वृद्धि दर्शाता है।’

पिछले एक दशक में केंद्र सरकार के कर्मचारियों की संख्या में लगभग 10 लाख की कमी आई है। इससे मौजूदा कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ गया है। पत्र में वेतन मैट्रिक्स की समय-समय पर समीक्षा करने की भी सिफारिश की गई है। इसमें कहा गया है कि इसके लिए पूरे 10 साल का इंतजार नहीं करना चाहिए। सिफारिश में एक मानक के रूप में आक्रॉयड फॉर्मूला का प्रस्ताव दिया गया है। यह फॉर्मूला जरूरी वस्तुओं की बदलती कीमतों को ध्यान में रखता है। यह वेतन समायोजन के लिए एक अधिक गतिशील दृष्टिकोण प्रदान करता है।

एनपीएस की चुनौत‍ियों का भी ज‍िक्र
इसके अलावा मिश्रा ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) जैसी चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला। इसके तहत कर्मचारियों के मूल वेतन और डीए का 10% काटा जाता है। इससे उनके हाथ में आने वाला वेतन कम हो जाता है। 2004 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांगों के बावजूद सरकार अभी तक सहमत नहीं हुई है।

पत्र में कहा गया है, ‘सरकार ने न तो उपरोक्त सिफारिशों को स्वीकार किया है और न ही 8वें वेतन आयोग का गठन किया है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स का डीए पहले ही 1.1.2024 से 50% तक पहुंच गया है। महंगाई और मूल्य वृद्धि को देखते हुए डीए घटक 50% को पार कर जाएगा। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि 20 लाख से अधिक असैनिक केंद्र सरकार के कर्मचारी राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के तहत आते हैं। उन्हें हर महीने अपने मूल वेतन और डीए का 10% एनपीएस में योगदान करना पड़ता है। यह उनके हाथ में आने वाले वेतन को काफी कम कर देता है। सरकार अभी तक एनपीएस को समाप्त करने और 1.1.200

Latest articles

नई दिल्ली में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से की मुलाकात, शिक्षा सुधारों पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान...

हमीदिया अस्पताल फायरिंग: पुलिस की बड़ी लापरवाही उजागर, घायल हिस्ट्रीशीटर के साथ पहुंचे जवान भी थे निहत्थे

भोपाल हमीदिया अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर शनिवार सुबह हुई फायरिंग की घटना में पुलिस...

मप्र में पेंशन भुगतान की नई व्यवस्था 1 अप्रैल से लागू, एसबीआई बनेगा एग्रीगेटर बैंक

भोपाल मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के करीब साढ़े चार लाख पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देते...

ग्रुप-5 भर्ती परीक्षा 2026: स्वास्थ्य विभाग में 373 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन शुरू

भोपाल मप्र कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) ने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े स्टाफ नर्स, पैरामेडिकल और...

More like this

समय पर खर्च करें केंद्रीय निधि, ताकि विकास की गति बनी रहे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के विकास में केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं...

मप्र में टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘शतक’ — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले— राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत का देती है संदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी फिल्म ‘शतक’ को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ की दूसरी बैठक — 84,282 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई...

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ कार्यक्रम की दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित...