7.1 C
London
Monday, April 27, 2026
Homeराज्यराम मंदिर की सुरक्षा में तैनात SSF जवान की गोली लगने से...

राम मंदिर की सुरक्षा में तैनात SSF जवान की गोली लगने से मौत, हत्या या सुसाइड? पुलिस कर रही जांच

Published on

अयोध्या

अयोध्या में राम मंदिर की सुरक्षा में तैनात एक जवान की गोली लगने से मौत हो गई है। घटना बुधवार सुबह करीब 5.25 बजे की है। इस जवान का नाम शत्रुघ्न विश्वकर्मा है और इसकी उम्र 25 साल है। वह अंबेडकरनगर का रहने वाला था। तीन महीने के बाद यह दूसरा मामला है जब किसी जब किसी जवान की गोली लगने से मौत हुई है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, गोली की आवाज सुनकर बाकी साथी मौके पर पहुंचे और देखा कि जवान को गोली लगी हुई है और वह खून से लथपथ पड़ा हुआ है। उसे अस्पताल ले जाया गया। यहां से घायल जवान को ट्रामा सेंटर भेज दिया गया। लेकिन वहां पर डॉक्टरों ने जवान को मृत घोषित कर दिया। जवान की मौत के बाद मंदिर क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आईजी और एसएसपी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल की पूरी तरह से जांच की गई। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की। शुरुआती जांच के बाद आत्महत्या का मामला बताया जा रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह क्लियर हो पाएगी।

घटना की जानकारी परिजनों को दी
शत्रुघ्न विश्वकर्मा साल 2019 बैच का था। वह अंबेडकरनगर के सम्मनपुर थाने के कजपुरा गांव का रहने वाला था। एसएसएफ में उनकी तैनाती थी। अयोध्या के राम मंदिर की सुरक्षा के लिए एसएसएफ बल का गठन किया गया है। शत्रुघ्न के साथियों ने बताया कि घटना होने से पहले शत्रुघ्न फोन को देख रहा था। वह बीते कई दिनों से कुछ परेशान भी था। पुलिस ने घटना का जानकारी जवान के परिवार वालों को दे दी है। परिजनों को रो-रोकर बहुत बुरा हाल है। उन लोगों को इस बात का यकीन ही नहीं हो रहा है कि शत्रुघ्न अब इस दुनिया में नहीं है।

तीन महीने पहले भी हुई जवान की मौत
तीन महीने पहले भी राम मंदिर की सुरक्षा में तैनात एक जवान को गोली लग गई थी। उस मामले में तो जवान की गलती से ही गोली चल गई थी। बताया गया था कि वह बंदूक को साफ कर रहा था तब ही अचानक से ट्रिगर दब गया और गोली चल गई। वह जवान के सीने के आर-पार हो गई। अब हम बात करतें हैं एसएसएफ की। SSF यानी स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन योगी सरकार ने चार साल पहले किया था। एसएसएफ के पास किसी को भी बिना वारंट के गिरफ्तार करने का अधिकार है। इस फोर्स का नेतृत्व एडीजी स्तर के अधिकारियों के द्वारा किया जाता है।

Latest articles

महिला आरक्षण के समर्थन में कांग्रेस का पैदल मार्च: भोपाल में निकाली रैली, जीतू पटवारी बोले- विधानसभा में करेंगे महिला आरक्षण की मांग

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में महिला आरक्षण के मुद्दे पर सियासी संग्राम तेज...

भोपाल के अन्ना नगर गार्बेज स्टेशन में भीषण आग: 25 टन कचरा और रिसाइक्लिंग सामग्री खाक

भोपाल। राजधानी के अन्ना नगर स्थित गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन में शनिवार देर रात लगी...

ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पर भोपाल पुलिस सख्त: अप्रैल माह में वसूला 11 लाख से अधिक का जुर्माना

भोपाल। राजधानी की सड़कों पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के...

भोपाल में भीषण गर्मी का कहर: नर्सरी से 8वीं तक के स्कूलों में 30 अप्रैल तक छुट्टी

भोपाल। राजधानी भोपाल में सूर्यदेव के तल्ख तेवरों और लगातार बढ़ रहे तापमान ने...

More like this

मुख्यमंत्री साय ने हज यात्रियों को सौंपे ‘फर्स्ट एड किट’, कहा- प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए करें दुआ

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को राजधानी रायपुर के मेडिकल...

सेवानिवृत्त न्यायाधीश अनुभव की अमूल्य धरोहर, युवा पीढ़ी इनसे सीखे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। एसोसिएशन ऑफ रिटायर्ड जजेज और राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (राल्सा) के संयुक्त...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन को दी विदाई

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को जयपुर के स्टेट हैंगर पर उपराष्ट्रपति सी.पी....