सीतामढ़ी
बिहार के सीतामढ़ी जिले में पिछले दिनों मात्र दो दिन बारिश हुई, लेकिन पड़ोसी देश नेपाल के तराई क्षेत्रों में लगातार बारिश होने की खबर मिल रही है। इस कारण भारतीय क्षेत्र की नदियां पूरी तरह से उफान पर है। नदियों का पानी फिलहाल जिले के तीन प्रखंडों के चार दर्जन से अधिक गांवों को प्रभावित किए हुए है। कई गांवों में बाढ़ का पानी सड़कों पर बह रहा है। यूं समझिए कि मॉनसून के पहले दौर की बारिश ही सीतामढ़ी के लिए आफत बन कर आई है।
इन नदियों में आई बाढ़
नेपाल क्षेत्र में हुई भारी वर्षा के चलते सोनबरसा प्रखंड से गुजरने वाली अधवारा समूह के झीम नदी के साथ लखनदेई नदी भी उफनाई हुई है। शुक्रवार की शाम से फिर नदी का जलस्तर बढ़ने लगा और पानी बाहर आने लगा, जिसके चलते पुरन्दाहा राजबाड़ा पश्चिमी पंचायत के लालबंदी गांव में पानी घुस गया। इतना ही नहीं, सोनबरसा चौक से राजबाड़ा मुजौलिया जाने वाली रोड में भी ब्रह्मस्थान के समीप दो फीट पानी रोड पर बहने लगा।
पानी से घिरा बसतपुर गांव
लालबंदी गांव में बाढ़ का पानी चला गया है। दर्जनों घरों में पानी घुस गया है। वहीं, बसतपुर और जहदी गांव चारों तरफ से पानी घिरे हुए हैं। बसतपुर गांव के समीप झीम नदी में बने डायवर्सन के बह जाने से आवागमन बिल्कुल ठप हो गया है। उधर, झीम नदी का पानी भारत-नेपाल सीम होते हुए सोनबरसा के पटेल नगर से पश्चिम पूरे सरेह में तीन फीट तक बह रहा है। एसएसबी मुख्य नाका हनुमान चौक से नेपाल के मलंगवा जाने वाली सड़क में बॉर्डर पर तीन फीट से अधिक पानी बह रहा है।
बाढ़ को लेकर मुस्तैद है प्रशासन
बाढ़ और सड़कों पर पानी के चलते सोनबरसा प्रखंड के दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को आवागमन में काफी कठिनाई हो रही है। लोग ट्रैक्टर से आवागमन कर रहे हैं। लखनदेई नदी में पानी बढ़ जाने से छोटी भाडसर गांव के समीप सरेह में पानी बह रहा है। सीओ शिल्पी कुमारी और बीडीओ सत्येन्द्र कुमार यादव लगातार औचक निरीक्षण कर रहे हैं और बाढ़ की स्थिति के संबंध में वरीय पदाधिकारी को खबर भी दे रहे हैं।
