14.6 C
London
Friday, May 1, 2026
HomeUncategorizedजून में हायरिंग की रफ्तार में आई गिरावट, जानिए जुलाई में कैसी...

जून में हायरिंग की रफ्तार में आई गिरावट, जानिए जुलाई में कैसी रह सकती है चाल?

Published on

नई दिल्ली,

जून के महीने में हायरिंग गतिविधियों में सुस्ती आने का दावा नौकरी जॉबस्पीक इंडेक्स ने किया है. हालांकि इस रिपोर्ट में किसी खास वजह की तरफ इशारा तो नहीं किया गया है. लेकिन ये माना जा रहा है कि चुनाव, नई सरकार के गठन पर छाए सस्पेंस के हटने के बाद बजट के ऐलानों को लेकर कंपनियों ने हायरिंग को कम किया है.

ऐसे में संभव है कि जुलाई में भी हायरिंग गतिविधियों पर दबाव बना रह सकता है. अगर बात करें पिछले महीने हुई हायरिंग की तो रिपोर्ट के मुताबिक ज्यादातर क्षेत्रों में भर्ती स्थिर रहने की वजह से जून में व्हाइट कॉलर जब्स की हायरिंग एक्टिविटीज में 7.62 फीसदी की गिरावट देखी गई. जून में 2582 जॉब पोस्टिंग की गईं जबकि जून 2023 में ये आंकड़ा 2,795 था.

बीमा क्षेत्र में सबसे ज्यादा नौकरियां!
आइए अब जानते हैं कि आखिर जून में किन सेक्टर्स में हायरिंग एक्टिविटीज में बढ़ोतरी हुई है. नौकरी जॉबस्पीक इंडेक्स के मुताबिक सबसे ज्यादा हायरिंग ग्रोथ 28 फीसदी के साथ इंश्योरेंस सेक्टर में देखने को मिली है. वहीं इसके बाद टेलीकॉम, FMCG और फूड सेक्टर में 12 परसेंट ज्यादा हायरिंग हुई है. BPO, ITeS और एजुकेशन सेक्टर में हायरिंग 9-9 फीसदी बढ़ी है. ग्लोबल कैपिसिटी सेंटर्स में हायरिंग 7 फीसदी और फार्मा में हायरिंग गतिविधियां 6 परसेंट बढ़ी हैं. जानकारों का मानना है कि फार्मा में हायरिंग बढ़ने की वजह लोगों का सेहत के प्रति जागरुक होना है जिससे हेल्थ सेक्टर में हायरिंग बढ़ रही है.

मिनी मेट्रोज बने नए जॉब हब!
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अब मिनी मेट्रो शहर हायरिंग के मामले में मेट्रो शहरों से आगे निकलते जा रहे हैं. इसके असर से राजस्थान और गुजरात के बड़े शहरों में नौकरियों के ज्यादा मौके पैदा हो रहे हैं. ऐसे में जोधपुर में जून के दौरान हायरिंग 36 फीसदी बढ़ी है. इसके बाद राजकोट में 35 परसेंट, कोटा में 21 फीसदी, उदयपुर, जामनगर और सूरत में नई नौकरियों के मौके 13 प्रतिशत बढ़े हैं. लेकिन जैसे ही देश के महानगरों में नौकरियों के मौके पैदा होने के आंकड़ों पर नजर डाली जाती है तो एकदम उलट नजारा देखने को मिलता है.

रिपोर्ट के मुताबिक बीते महीने बेंगलुरु में हायरिंग 9 प्रतिशत और मुंबई में 6 फीसदी कम रही है. नौकरियों के मौकों का देश के दूसरे शहरों में बढ़ना इस लिहाज से भी फायदेमंद है कि अब मेट्रोज पर आबादी का दबाव बढ़ना कम होगा. इसके साथ ही दूसरे शहरों में भी घरों, गाड़ियों से लेकर तमाम तरह के कंज्यूमर ड्यूरेबल्स की डिमांड बढ़ेगी.

Latest articles

खराब मौसम से जबलपुर के बरगी डैम में डूबा क्रूज, छह लोगों की मौत, दस से ज्यादा की तलाश जारी

जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर में बरगी डैम पर गुरुवार शाम तेज आंधी और तूफान...

नारी शक्ति वंदन संकल्प के लिए महिला प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का जताया आभार

रायपुर। छत्तीसगढ़ में 'नारी शक्ति वंदन' के संकल्प को महिलाओं का व्यापक समर्थन मिल...

पाली में कन्या महाविद्यालय भवन का लोकार्पण: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- राजस्थान में सुलभ शिक्षा और पारदर्शी भर्ती हमारी प्राथमिकता

पाली। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पाली में नवनिर्मित कन्या महाविद्यालय भवन का लोकार्पण करते...

विधायक उदयलाल डांगी के पिता को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दी श्रद्धांजलि, परिजनों को बंधाया ढांढस

उदयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा गुरुवार को उदयपुर के डबोक पहुंचे, जहां उन्होंने...

More like this

समय पर खर्च करें केंद्रीय निधि, ताकि विकास की गति बनी रहे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के विकास में केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं...

मप्र में टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘शतक’ — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले— राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत का देती है संदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी फिल्म ‘शतक’ को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ की दूसरी बैठक — 84,282 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई...

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ कार्यक्रम की दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित...