नई दिल्ली,
पेरिस ओलंपिक में कुश्ती के 50 किलो भार वर्ग के फाइनल में वजन अधिक होने की वजह से अयोग्य करार दिए जाने के बाद विनेश फोगाट ने कुश्ती से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है. विनेश ने मंगलवार को शुरुआती दौर में दुनिया की नंबर एक और मौजूदा चैंपियन यूई सुसाकी को हराकर हलचल मचा दी थी.
विनेश के संन्यास पर ओलंपिक मेडल विजेता पहलवान बजरंग पूनिया की भी प्रतिक्रिया सामने आई है. पूनिया ने एक्स पर लिखा, ‘विनेश आप हारी नही हराया गया हैं, हमारे लिए सदैव आप विजेता ही रहेगी आप भारत की बेटी के साथ साथ भारत का अभिमान भी हो.’
इससे पहले विनेश ने कुश्ती से संन्यास का ऐलान करते हुए कहा, सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “मां कुश्ती मेरे से जीत गई मैं हार गई माफ करना आपका सपना मेरी हिम्मत सब टूट चुके इससे ज्यादा ताकत नहीं रही अब. अलविदा कुश्ती 2001-2024. आप सबकी हमेशा ऋणी रहूंगी.”
ओलंपिक में पहलवान विनेश फोगाट को डिसक्वालिफाई (अयोग्य) घोषित किया गया. 50 किलोग्राम कैटेगरी में उनका वजन करीब 100 ग्राम अधिक पाया गया. विनेश के पास गोल्ड मेडल जीतने का मौका था, लेकिन वजन अधिक होने के कारण फाइनल मुकाबले से कुछ घंटे पहले ही उन्हें अयोग्य करार दे दिया गया. ऐसे में नियम के कारण वह सेमीफाइनल जीतने के बाद भी मेडल से चूक गईं.
आपको बता दें कि ओलंपिक एशियाई खेल, विश्व चैंपियनशिप और एशियाई चैंपियनशिप के लिए किसी भी पहलवान को एक ग्राम की भी छूट नहीं मिलती है. ओलंपिक खेलों में प्रतियोगिता दो दिनों में आयोजित की जाती है और दोनों दिनों में प्रतिस्पर्धी पहलवानों को वजन जांच से गुजरना पड़ता है. प्रतियोगिता के पहले दिन पहलवान को अपना ‘सिंगलेट’ (कुश्ती परिधान) पहनना होता है और 30 मिनट की अवधि में कई बार अपना वजन मापना होता है.
स्वर्ण पदक, कांस्य पदक के प्ले-ऑफ और रेपेचेज मुकाबलों के लिए क्वालीफाई करने वालों को दूसरे दिन फिर से वजन करने के लिए आना होता है. लेकिन दूसरे दिन प्रतियोगिता की सुबह वजन करने के लिए केवल 15 मिनट का समय होता है. यहीं पर विनेश का वजन 50.1 किलोग्राम पाया गया, 15 मिनट की अवधि समाप्त होने के बाद विनेश की पदक की उम्मीदें खत्म हो गईं.
