ढाका
बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना देश छोड़कर भारत में आई हैं। अब ऐसी रिपोर्ट्स आई हैं कि उनके भारत में लंबे समय तक रुकने की संभावना है। हालांकि यहां उनका रुकना प्रवास वीजा पर होगा न कि शरण या शरणार्थी श्रेणी में। नौकरियों में कोटा सिस्टम के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। अपनी बहन शेख रेहाना के साथ वह देश छोड़कर भारत भाग आई हैं। ऐसी खबर आई थी कि दोनों यूके में शरण मांग रही थीं, जहां रेहाना की बेटी ट्यूलिप सिद्दीकी लेबर पार्टी से ब्रिटिश सांसद हैं। हालांकि उन्हें शरण नहीं मिल पाई है। कथित तौर पर अमेरिका ने भी हसीना का वीजा रद्द कर दिया। इस बीच वह यूएई और अन्य यूरोपीय देशों में शरण के विकल्प खोज रही हैं।
न्यूज 18 ने अपनी एक रिपोर्ट में सूत्रों का हवाला देते हुए कहा, ‘किसी भी देश में उनकी सुरक्षित रवानगी संभव नहीं हो पा रही है। हमारे पास शरण या शरणार्थी कानून नहीं है। कानूनी तौर पर किसी को हम शरणार्थी के दर्जे पर नहीं रख सकते। दलाई लामा भारत में सरकारी नीति के कारण हैं।’ रिपोर्ट में शख्स ने कहा कि शरण और शरणार्थी कानून दुनिया भर में समस्या पैदा कर रहे हैं। एक बार जब आप शरणार्थी और शरण का दर्दा दे देते हैं तो फिर से अपने अधिकारों के लिए अदालत में जाते हैं। इससे और भी समस्याएं पैदा होती हैं।
‘हसीना वापस लौटेंगी बांग्लादेश’
शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय ने गुरुवार को देश में अशांति को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को जिम्मेदार ठहराया। इसके साथ ही कहा कि लोकतंत्र की बहाली होते ही शेख हसीना वापस अपने देश लौट जाएंगी। गुरुवार को प्रोफेसर मोहम्मद यूमुस ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख के तौर पर शपथ ली। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि शेख हसीना निश्चित तौर पर बांग्लादेश लौटेंगी, लेकिन अभी तक यह तय नहीं हुआ है कि वह राजनीति में एक्टिव रहेंगी या नहीं।
बांग्लादेश में विभागों का बंटवारा
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने शुक्रवार को नवनियुक्त सलाहकार परिषद के विभागों की घोषणा की और रक्षा सहित 27 मंत्रालयों का प्रभार अपने पास रखा तथा अनुभवी राजनयिक मोहम्मद तौहीद हुसैन को विदेश मंत्रालय का प्रमुख नियुक्त किया। नोबेल पुरस्कार से सम्मानित 84 वर्षीय यूनुस ने बृहस्पतिवार को अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में शपथ ली। यूनुस ने मुख्य सलाहकार के रूप में शपथ ली – जो प्रधानमंत्री के समकक्ष पद है। अन्य सलाहकारों का चयन छात्र नेताओं, सेना और नागरिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के परामर्श से किया गया। एक आधिकारिक घोषणा के अनुसार, यूनुस ने रक्षा, लोक प्रशासन, शिक्षा, ऊर्जा, खाद्य, जल संसाधन और सूचना मंत्रालय सहित 27 विभागों का प्रभार अपने पास रखा है।
