14.6 C
London
Friday, May 1, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयLAC के करीब बनाए चीन के मॉडल विलेज में लोगों का आना...

LAC के करीब बनाए चीन के मॉडल विलेज में लोगों का आना शुरू, बॉर्डर पर फिर साजिश रचने लगा ‘ड्रैगन’

Published on

नई दिल्ली

लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल यानी LAC के पास बने चीन के मॉडल गांवों में अब लोगों का आना शुरू हो गया है। सूत्रों के मुताबिक कई गांवों में अब लोग रहने लगे हैं। चीन ने एलएसी के पास इस तरह के मॉडल विलेज बनाने का काम करीब छह साल पहले शुरू किया था और ये काफी वक्त तक खाली थे। भारत की तरफ से लगातार इसकी आशंका जताई जाती रही कि चीन इन गांवों का दोहरा इस्तेमाल कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक चीन का एक मकसद तिब्बतियों पर नजर रखने का भी है। साथ ही जरूरत पड़ने पर वह इनका मिलिट्री इस्तेमाल भी कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक पिछले कुछ सालों में चीन ने एलएसी के दूसरी तरफ कई अंडरग्राउंड स्टोरेज बना लिए हैं। यहां चीन के बंकर भी हैं लेकिन ज्यादातर अंडरग्राउंड स्टोरेज बनाने का काम हुआ है।

चीन बना रहा जियाकॉन्ग विलेज
रक्षा सूत्रों के मुताबिक ईस्टर्न सेक्टर में ही चीन ने एलएसी के दूसरी तरफ करीब 630 मॉडल गांव बनाने हैं जिसमें से करीब 500 गांवों पर काम पूरा हो गया है। चीन इसे जियाकॉन्ग विलेज कहता है। जिसका मतलब है संपन्न गांव। ईस्टर्न अरुणाचल में ही एलएसी के दूसरी तरफ चीन के करीब 145 मॉडल विलेज हैं। अब चीन एलएसी के दूसरी तरफ स्टोरेज फैसिलिटी जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस कर रहा है। अक्टूबर 2021 में चीन ने नया भूमि सीमा कानून पास किया था जिसे 1 जनवरी 2022 से लागू किया गया। इस भूमि सीमा कानून के तहत चीन बॉर्डर वाले इलाकों में अपने आम नागरिकों को बसा रहा है।

मॉडल विलेज में रहने लगे लोग
सूत्रों के मुताबिक अब तक खाली इन मॉडल विलेज में लोगों का रहना शुरू हो गया है। काफी गांवों में अब लोग दिखाई देते हैं। सूत्रों के कहना है कि चीन को हमेशा इसका डर रहता है कि एलएसी के पास रहने वाले तिब्बती लोग कहीं भारतीय सेना से जानकारी साझा ना करें और वहां तिब्बतियों के गांव अलग अलग जगह पर हैं और जिससे उन पर नजर रखना मुश्किल है कि कौन कहां आ रहा है या जा रहा है।

रक्षा सूत्रों का मानना है कि इन मॉडल विलेज का एक मकसद तिब्बतियों पर नजर रखना भी है। इस तरह के मॉडल विलेज में तिब्बतियों को उनके ओरिजनल गांवों से शिफ्ट कर चीन उनकी निगरानी भी कर सकता है। साथ ही जरूरत पड़ने पर इनका इस्तेमाल मिलिट्री परपज के लिए भी कर सकता है। हालांकि सेना के एक अधिकारी के मुताबिक युद्ध की स्थिति में यह आसान टारगेट हो सकते हैं क्योंकि यह विजुअल रेंज में (यानी इतनी दूर जहां हम अपनी तरफ से उन पर नजर रख सकते हैं) हैं। इन गांवों के आसपास ऑब्जर्वेशन टावर भी नोटिस किए गए हैं।

Latest articles

खराब मौसम से जबलपुर के बरगी डैम में डूबा क्रूज, छह लोगों की मौत, दस से ज्यादा की तलाश जारी

जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर में बरगी डैम पर गुरुवार शाम तेज आंधी और तूफान...

नारी शक्ति वंदन संकल्प के लिए महिला प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का जताया आभार

रायपुर। छत्तीसगढ़ में 'नारी शक्ति वंदन' के संकल्प को महिलाओं का व्यापक समर्थन मिल...

पाली में कन्या महाविद्यालय भवन का लोकार्पण: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- राजस्थान में सुलभ शिक्षा और पारदर्शी भर्ती हमारी प्राथमिकता

पाली। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पाली में नवनिर्मित कन्या महाविद्यालय भवन का लोकार्पण करते...

विधायक उदयलाल डांगी के पिता को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दी श्रद्धांजलि, परिजनों को बंधाया ढांढस

उदयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा गुरुवार को उदयपुर के डबोक पहुंचे, जहां उन्होंने...

More like this

वॉशिंगटन में डिनर के दौरान फायरिंग, ट्रम्प को सुरक्षित निकाला, हमलावर पकड़ाया

चश्मदीद बोले- 7 राउंड फायरिंग हुई, गेस्ट टेबल के नीचे छिपे वॉशिंगटन। अमेरिका की राजधानी...

ईरान-अमेरिका वार्ता पर लगा ब्रेक, ट्रंप ने रद्द किया अपने डेलिगेशन का इस्लामाबाद दौरा

वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्लामाबाद में होने वाली ईरान के साथ...