तेहरान:
ईरान ने मिसाइल शक्ति को लेकर बड़ा दावा किया है। एक ईरानी कमांडर ने कहा है कि जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइलों के मामले में ईरान दुनिया के टॉप 6 देशों में शुमार है। यह बयान ईरान की सरकारी मीडिया में प्रकाशित हुई। हालांकि, इसके बाद से ही ईरान की मिसाइल क्षमताओं को लेकर सवाल उठने लगे। आईआरएनए (IRNA) की रिपोर्ट में कहा गया है, “ईरानी सेना के वायु रक्षा बल के एक वरिष्ठ कमांडर ने कहा है कि सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों (SAM) की रेंज के मामले में ईरान शीर्ष छह देशों में शामिल है।”
ईरानी कमांडर ने क्या दावा किया
ईरान की मिसाइल शक्ति के बारे में दावा करने वाले ईरानी सैन्य कमांडर का नाम ब्रिगेडियर जनरल अब्बास अजीमी है। वह उत्तर-पश्चिम ईरान में सेना वायु रक्षा बल के कमांडर हैं। उन्होंने शनिवार को ईरानी सेना से अलग एक स्वतंत्र सैन्य यूनिट के रूप में ईरानी एयर डिफेंस की स्थापना के वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित समारोह में यह दावा किया। रिपोर्ट में कहा गया है, “कमांडर ने ईरानी सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों की रेंज को नहीं बताया, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि उनकी रेंज ने ईरान को दुनिया के शीर्ष छह देशों में शामिल कर दिया है।”
एयर डिफेंस को मजबूत कर रहा ईरान
ईरान हाल के वर्षों में एयर डिफेंस को मजबूत बनाने के लिए जमकर पैसा लगा रहा है। इसके लिए ईरान ने दूसरे देशों में भी अपने एयर डिफेंस सिस्टम को तैनात करने का प्रयास किया है। 2018 में आई एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने सीरिया में अपने खोरदाद एयर डिफेंस सिस्टम के तीन यूनिटों को तैनात करने का प्रयास किया था। यह सिस्टम बावर 373 जैसे सोवियत एडिफेंस सिस्टम्स पर आधारित है। एयर डिफेंस सेक्टर में ईरान की विशेषज्ञता ज्यादातर मौजूदा एयर डिफेंस सिस्टम्स को रिवर्स इंजीनियर करने या मौजूदा सिस्टम की कॉपी करने की है।
दूसरे देशों के एयर डिफेंस की कॉपी बना रहा ईरान
ईरान की सैय्यद एयर डिफेंस सिस्टम को चीनी एयर डिफेंस सिस्टम की कॉपी माना जाता है। वहीं, सैय्यद-2 को अमेरिकी RIM-66 मिसाइल पर आधारित माना जाता है। यह बताता है कि ईरान अपनी सैन्य क्षमता को बढ़ाने के लिए अन्य देशों से सीखने के लिए तैयार है। ईरान ने इराक, सीरिया लेबनान और यमन सहित अन्य समूहों और देशों को भी मिसाइल टेक्नोलॉजी निर्यात की है। अधिकांश ईरान समर्थित मिलिशिया समूहों की एयर डिफेंस शक्ति सीमित है, लेकिन हाल के दिनों में वे तेजी से अपनी क्षमता बढ़ा रहे हैं। उदाहरण के लिए हिजबुल्लाह ने पिछले 10 महीनों में कई बड़े इजरायली ड्रोन को मार गिराया है।
