नई दिल्ली
चीन के साथ सीमा विवाद के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान के साथ संबंध सुधारने की बात कही है। रक्षा मंत्री ने जम्मू के बनिहाल में कहा कि अगर पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद बंद कर दे तो भारत उसके साथ बातचीत शुरू करने के लिए तैयार है। सिंह ने कहा कि कौन पड़ोसी देशों के साथ संबंध सुधारना नहीं चाहेगा? क्योंकि मैं इस वास्तविकता को जानता हूं कि आप अपने मित्र को बदल सकते हैं, लेकिन अपने पड़ोसी को नहीं।
फिर रखी आतंकवाद पर रोक की शर्त
रक्षा मंत्री ने कहा कि हम पाकिस्तान के साथ बेहतर संबंध चाहते हैं, लेकिन सबसे पहले उन्हें आतंकवाद को रोकना होगा। रक्षा मंत्री ने कहा कि जब पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को प्रायोजित करना बंद कर देगा, तो भारत उसके साथ बातचीत शुरू करेगा। रक्षा मंत्री इन दिनों जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव को लेकर जम्मू-कश्मीर की यात्रा पर हैं। सिंह ने कहा कि सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद की चपेट में आने वालों में 85 प्रतिशत मुसलमान थे। कश्मीर में आतंकवादी घटनाएं आम बात थी। क्या आतंकवादी घटनाओं में हिंदू मारे जा रहे थे? मैं गृह मंत्री रह चुका हूं और मुझे पता है कि आतंकवादी घटनाओं में सबसे अधिक मुसलमानों की जान गई।
पीओके के लोगों को ऑफर
इससे पहले राजनाथ सिंह ने एक जनसभा में पाक के कब्जे वाले कश्मीर के लोगों का भी जिक्र किया। राजनाथ सिंह ने साफ कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के लोग भारत आएं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान उन्हें भले ही पराया मानता है लेकिन भारत उन्हें अपना मानता है। रक्षा मंत्री ने पाक के कब्जे वाले लोगों से कहा कि पीओके निवासियों हम आपको अपना मानते हैं जबकि पाकिस्तान सरकार आपको विदेशी मानती है। रक्षा मंत्री ने इस संबंध में पड़ोसी देश में अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के हलफनामे का जिक्र किया। इस हलफनामे में पीओके एक विदेशी भूमि बताया गया है।
