नई दिल्ली,
जम्मू-कश्मीर में 10 साल बाद विधानसभा चुनाव हो रहे हैं. 90 सीटों वाली जम्मू-कश्मीर विधानसभा में तीन चरणों में वोटिंग होगी. इसे लेकर प्रचार जोरों पर है. जम्मू-कश्मीर का चुनाव है तो PoK का मुद्दा बनना तय है. अब चुनाव के बीच एक बार फिर PoK का मुद्दा उठा है. रविवार को जम्मू के रामबन में एक चुनावी रैली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने PoK का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि PoK के लोगों को पाकिस्तान विदेशी मानता है, लेकिन हम उन्हें अपना मानते हैं.
उन्होंने कहा, ‘जम्मू-कश्मीर का विकास देखने के बाद PoK के लोग कहेंगे कि हम पाकिस्तान के साथ नहीं रहना चाहते. हम भारत के साथ जाना चाहते हैं.’ राजनाथ सिंह ने आगे कहा, ‘पाकिस्तान के लोग PoK की जनता को विदेशी मानते हैं, लेकिन भारत ने उन्हें हमेशा अपना माना है. आइए और हमारा हिस्सा बनिए.’
जब पाकिस्तान ने PoK को माना विदेशी जमीन
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रामबाण की चुनावी रैली में जो कहा, असल में उसका आधार पाकिस्तानी सरकार का एक हलफनामा था. ये हलफनामा पाकिस्तान की सरकार ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट में दाखिल किया था.
दरअसल, ये पूरा मामला PoK के कवि और पत्रकार अहमद फरहाद शाह की गुमशुदगी से जुड़ा था. शाह इस साल 15 मई को इस्लामाबाद स्थित अपने आवास से गायब हो गए थे. 29 मई को उन्हें PoK के खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत के गुज्जर कोहाला गांव से हिरासत में लिया गया था. शाह को मुजफ्फराबाद पुलिस ने एंटी-टेररिज्म कानून समेत कई मामलों के तहत गिरफ्तार कर लिया था.
पाकिस्तान सरकार ने दावा किया था कि शाह को आतंकवाद समेत कई आरोपों के तहत गिरफ्तार किया गया है. जबकि शाह की पत्नी ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर कहा था कि उनके पति का अपहरण किया गया है. उन्होंने अपनी याचिका में मांग की थी कि शाह को अदालत में पेश किया जाए और उनका अपहरण वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए.हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान जज मोहसिन अख्तर कियानी ने लोगों के जबरन अपहरण पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों की आलोचना की थी.
तब जज कियानी ने शाह को अदालत में पेश करने को कहा था. इस पर एडिशनल अटॉर्नी जनरल (AAG) ने कहा था कि शाह को अदालत में पेश नहीं किया जा सकता, क्योंकि वो PoK में पुलिस कस्टडी में हैं. AAG ने तर्क दिया था कि PoK एक ‘विदेशी क्षेत्र’ है, जिसका अपना संविधान है, अपनी अदालतें हैं. उन्होंने दलील दी थी कि Pok की अदालतों के फैसलों को ‘विदेशी अदालतों के फैसले’ के तौर पर माना जाता है. इस पर हाईकोर्ट ने सवाल किया था कि जब PoK विदेशी जमीन है, तो पाकिस्तानी सेना वहां कैसे दाखिल हो सकती है?
पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है PoK
पड़ोसी मुल्क का संविधान कहता है कि पाकिस्तान के क्षेत्र में बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वाह, पंजाब और सिंध प्रांत के साथ-साथ संघीय राजधानी होगी. हालांकि, इसमें ये भी कहा गया है कि विलय या किसी भी माध्यम से क्षेत्र में शामिल कोई भी राज्य या क्षेत्र भी पाकिस्तान का हिस्सा होगा. लेकिन इसमें PoK का कोई जिक्र नहीं है. PoK को पाकिस्तान ‘आजाद कश्मीर’ कहता है.
पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 257 में कश्मीर का जिक्र किया गया है. इसमें कहा गया है कि PoK तभी पाकिस्तान का हिस्सा होगा, जब यहां के लोग देश में शामिल होने का फैसला करेंगे.हालांकि, अभी इस सवाल का जवाब नहीं है कि PoK के लोग पाकिस्तान में शामिल होना चाहते हैं या नहीं. इसलिए, पाकिस्तान के लिए PoK अभी भी ‘विदेशी जमीन’ बना हुआ है.
