नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बुलडोजर एक्शन पर सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि सड़क के बीच धार्मिक निर्माण गलत है। चाहे वह मंदिर हो या दरगाह उसे हटाना ही सही होगा। सार्वजनिक सुरक्षा सबसे पहले है। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस विश्वनाथन की बेंच ने कहा कि कोई भी शख्स आरोपी या दोषी है तो यह डेमोलेश का आधार नहीं हो सकता है। देशभर के लिए गाइडलाइन जारी की जाएंगी। कोर्ट ने बुलडोजर एक्शन पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। फैसला सुनाए जाने तक बुलडोजर एक्शन पर रोक जारी रहेगी।
जस्टिस बीआर गवई ने इस बात पर भी गौर करना होगा कि तोड़फोड़ का आदेश पारित होने से पहले भी एक सीमित समय होना चाहिए। साल में करीब चार-पांच लाख डिमोलिशन की कार्रवाई होती है। पिछले कुछ सालों का यही आंकड़ा है। बता दें कि जस्टिस बीआर गवई और केवी विश्वनाथन की बेंच अपराध के आरोपी लोगों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।
