10.2 C
London
Tuesday, March 3, 2026
Homeराष्ट्रीयदिल्ली में खत्म होने वाला है बस मार्शलों का इंतजार, सीएम आतिशी...

दिल्ली में खत्म होने वाला है बस मार्शलों का इंतजार, सीएम आतिशी ने कहा- पक्की नौकरी भी जल्द

Published on

नई दिल्ली

दिल्ली में 10 हजार बस मार्शलों को फिर से रोजगार मिलेगा। राज्य सरकार ने प्रदूषण के खिलाफ युद्ध में इन सिविल डिफेंस वॉलंटियरों और बस मार्शलों की तैनाती को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री आतिशी ने शनिवार को बताया कि एक सप्ताह के भीतर वे ऑन-ड्यूटी होंगे।आतिशी ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि दिल्ली सरकार द्वारा इन 10 हजार मार्शलों की नियुक्ति की मंजूरी दे दी गई है। प्रदूषण के खिलाफ युद्ध में अगले चार महीने वे अहम भूमिका निभाएंगे।

सीएम आतिशी ने कहा कि प्रदूषण हॉटस्पॉट्स की निगरानी से लेकर खुले में आग जलाने पर नियंत्रण और शिकायतों के फॉलो-अप में बस मार्शलों की भागीदारी महत्वपूर्ण होगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि सोमवार से बस मार्शलों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होगी। साथ ही दिल्ली सरकार जल्द बस मार्शलों की स्थायी नियुक्ति का प्रस्ताव उपराज्यपाल को भेजेगी।

सीएम आतिशी ने साधा केंद्र पर निशाना
इसके साथ ही केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा चाहे जितना षड्यंत्र रचे, अरविंद केजरीवाल के मार्गदर्शन में हम दिल्लीवासियों की हर समस्या का समाधान जरूर निकालेंगे। सीएम आतिशी ने कहा कि दिल्ली में बसों में महिलाओं को सुरक्षा देने के लिए दिल्ली सरकार ने वित्त वर्ष 2017-18 में दिल्ली की बसों में बस मार्शल तैनात किए। ये मार्शल इसलिए तैनात किए गए ताकि महिलाओं के साथ कोई छेड़छाड़ न हो, बदतमीजी न हो, डीटीसी बसों में बच्चे और बुजुर्ग सुरक्षित रहें।

उन्होंने कहा कि बसों में इन मार्शलों की नियुक्ति से महिलाओं-बुजुर्गों-बच्चों को जो सुरक्षा मिली, उसके कई प्रमाण दिल्लीवालों ने देखे। मार्शलों ने बस में महिलाओं के साथ होने वाली बदतमीजी को रोका, किसी बच्चे के अपहरण होने के प्रयास को रोका, बुजुर्गों की मदद की। आतिशी ने आरोप लगाया लेकिन भाजपा को महिलाओं-बुजुर्गों-बच्चों की सुरक्षा नहीं जंची। गरीब घरों के 10 हजार युवाओं को मार्शलों के तौर पर काम मिलना नहीं जंचा। इसलिए भाजपा ने षड्यंत्र रचकर अपने अधिकारियों के माध्यम से अप्रैल 2023 से इन बस मार्शलों की तनख्वाह रोक दी।

आतिशी ने कहा कि तब दिल्ली सरकार के मंत्रियों ने और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तब बार-बार अफसरों को आदेश दिए कि बस मार्शलों को तनख्वाह मिलनी चाहिए। लेकिन भाजपा ने उनकी तनख्वाह नहीं मिलने दी और अक्टूबर 2023 में भाजपा ने अपने अफसरों के माध्यम से इन 10,000 बस मार्शलों और सिविल डिफेंस वालंटियर्स को नौकरी से निकलवा दिया। उन्होंने आगे कहा कि इससे एक तरफ बसों में महिलाएं असुरक्षित हुईं और दूसरी तरफ 10 हजार से ज़्यादा परिवार के युवा बेरोजगार हो गए। अरविंद केजरीवाल ने बार-बार कहा कि इन बस मार्शलों को वापस रखा जाए। उन्होंने प्रण लिया कि चाहे जितना भी संघर्ष करना पड़े, इन बस मार्शलों को वापस रोजगार दिलवायेंगे।

Latest articles

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दी होली व धुलंडी की शुभकामनाएं

जयपुर भजनलाल शर्मा ने होली एवं धुलंडी के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई...

इजराइल-अमेरिका–ईरान युद्ध का तीसरा दिन: खामेनेई के बाद पत्नी का निधन

नई दिल्ली इजराइल-अमेरिका और  ईरान के बीच जारी जंग आज तीसरे दिन में प्रवेश...

मुख्यमंत्री स्कूटी योजना: 12वीं के टॉपर्स को 1.20 लाख तक का लाभ

भोपाल  मप्र सरकार ने 12वीं कक्षा में अपने स्कूल के टॉपर रहे छात्र-छात्राओं के लिए...

होली पर ट्रेनों में भारी भीड़: भोपाल स्टेशन के प्लेटफॉर्मों पर पैर रखने की जगह नहीं, वापसी टिकट के लिए मारामारी

भोपाल होली के त्यौहार पर अपने घरों को जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ के...

More like this

इजराइल-अमेरिका–ईरान युद्ध का तीसरा दिन: खामेनेई के बाद पत्नी का निधन

नई दिल्ली इजराइल-अमेरिका और  ईरान के बीच जारी जंग आज तीसरे दिन में प्रवेश...

नरेन्द्र मोदी ने अजमेर से राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया

अजमेर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजस्थान के अजमेर से सर्वाइकल कैंसर के विरुद्ध राष्ट्रीय एचपीवी...

ईरान पर अमेरिका-इजराइल का हमला, कई शहरों में दहशत

Iran की राजधानी तेहरान समेत कई शहरों पर Israel की वायुसेना ने जोरदार हवाई...