तेल अवीव:
इजरायल ने अक्टूबर महीने में ईरान पर हवाई हमले किए थे। इन हमलों में ईरान की एयरफोर्स के चार लोगों की मौत होने की बात सामने आई थी लेकिन किसी संवेदनशील जगह पर बड़े नुकसान को तेहरान ने नकार दिया था। हमले के करीब तीन हफ्ते बाद तीन अमेरिकी अधिकारी तो एक वर्तमान और एक पूर्व इजरायली अधिकारी ने दावा किया है कि इस हमले में ईरान की सीक्रेट न्यूक्लियर रिसर्च फैसिलिटी तबाह हुई है। एक्सियोस की रिपोर्ट में ये दावा किया गया है।
एक्सियोस की रिपोर्ट में अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि 26 अक्टूबर के इजरायली हमले ने ईरान के पारचिन में एक सक्रिय सीक्रेट परमाणु हथियार रिसर्च फैसिलिटी को तबाह कर दिया था। अधिकारियों ने कहा कि इसका बेहद खास महत्व है क्योंकि इस हमले ने पिछले साल से परमाणु हथियार अनुसंधान को फिर से शुरू करने के ईरान के प्रयास को एक बड़ा नुकसान पहुंचाया है।
बेहद खास उपकरण हमले में हुए नष्ट!
इस हमले के बारे में जानकारी देने वाले एक पूर्व इजरायली अधिकारी ने कहा है कि इस हमले में प्लास्टिक विस्फोटकों को डिजाइन करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों को नष्ट कर दिया। ये परमाणु उपकरण में यूरेनियम को घेरते हैं और इसे विस्फोट करने के लिए आवश्यक होते हैं। संयुक्त राष्ट्र में ईरानी मिशन ने इन दावों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
रिपोर्ट कहती है कि 25 अक्टूबर को इजरायली एयरफोर्स के टारगेट पर तेहरान से 20 मील दक्षिण-पूर्व में ताघलेन सैन्य परिसर था। यह न्यूक्लियर फैसिलिटी पूर्व में ईरान के अमद परमाणु हथियार कार्यक्रम का हिस्सा रही है। ईरान ने 2003 में यहां अपने सैन्य परमाणु कार्यक्रम को रोक दिया था लेकिन इजरायली अफसर इसके एक्टिव होने की बात कहते रहे हैं। इजरायली हमले के बाद हाई रिजॉल्यूशन सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि तालेघन की दो इमारत पूरी तरह से तबाह हो गईं।
इजरायली और अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि तालेघन की दो न्यूत्लियर फैसिलिटी ईरानी सरकार की एक रिसर्च का हिस्सा थीं, जिनका इस्तेमाल परमाणु हथियारों के विकास के लिए किया जा सकता था। हालांकि इस रिसर्च को नागरिक उद्देश्य के रूप में भी पेश किया जा सकता है।
