7.1 C
London
Thursday, April 23, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयबांग्लादेश में चिन्मय दास की गिरफ्तारी के बाद इस्कॉन पर लग सकता...

बांग्लादेश में चिन्मय दास की गिरफ्तारी के बाद इस्कॉन पर लग सकता है बैन, यूनुस सरकार ने बताया कट्टरपंथी संगठन

Published on

ढाका

बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के बड़े धार्मिक चेहरे और इस्कॉन मंदिर से जुड़े चिन्मय कृष्ण दास की राजद्रोह में गिरफ्तारी के बाद विवाद बढ़ता जा रहा है। दास को जेल भेजे जाने के बाद हुई हिंसा में चटगांव में एक वकील की जान गई है। इसके बाद इस्कॉन पर बैन के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है। इस अर्जी पर कोर्ट में जवाब देते हुए बांग्लादेश सरकार ने भी इस्कॉन को ‘धार्मिक कट्टरपंथी संगठन’ कहा है।

बुधवार को एक वकील ने इस्कॉन पर प्रतिबंध लगाने की याचिका दायर की है। वकील ने कोर्ट में कहा कि चटगांव में सैफुल इस्लाम की मौत इस्कॉन के लोगों की ओर से की गई हिंसा में हुई है। ऐसे में इस संस्था को बैन किया जाए, जो हिंसा फैला रही है। इस याचिका पर सुनवाई के दौरान बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार ने कहा कि ये संस्था कट्टरपंथी सोच को बढ़ाने का काम कर रही है।

इस्कॉन पर दिया बांग्लादेश सरकार ने जवाब
बांग्लादेशी अदालत ने सरकार से इस्कॉन पर राय मांगते हुए पूछा था कि इस्कॉन बांग्लादेश में कैसे स्थापित हुआ। इसके जवाब में अटॉर्नी जनरल मोहम्मद असदुज्जमां ने कहा कि इस्कॉन कोई राजनीतिक दल नहीं है। यह एक धार्मिक कट्टरपंथी संगठन है और सरकार पहले से ही इसकी गतिविधियों की जांच कर रही है।

इसके बाद कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल को इस्कॉन पर सरकार का रुख और देश की कानून व्यवस्था की स्थिति पर गुरुवार सुबह तक रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। अदालत ने सरकार से कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने से रोकने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि कानून व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार सभी जरूरी कदम उठाए।

क्या है पूरा मामला
इस्कॉन से जुड़े हिंदू संत चिन्मय दास को इसी सोमवार राष्ट्रीय ध्वज के अपमान करने के आरोप में बांग्लादेश की पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनकी गिरफ्तारी के बाद बांग्लादेश के हिंदू समुदाय सड़कों पर उतर गया है और विरोध कर रहा है। मंगलवार को चटगांव में विरोध प्रदर्शन के दौरान एक वकील सैफुल इस्लाम की मौत हो गई। इससे इस्कॉन को लेकर बांग्लादेश में एक गुस्सा भी देखा जा रहा है। बांग्लादेश के कई शहरों में हिंदू मंदिरों पर हमले भी की खबरें सामने आई हैं।

इस्कॉन यानी इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉनशियस्नेस की शुरुआत अमेरिका से हुई थी। स्वामी प्रभुपाद ने जुलाई 1966 को अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में इसकी स्थापना की थी। यह कृष्ण भक्ति की एक शाखा है, इसे हरे कृष्ण आंदोलन के तौर पर भी जाना जाता है। इसके दुनिया में एक हजार से ज्यादा मंदिर हैं। भारत में इसके 400 केंद्र हैं। पाकिस्तान, बांग्लादेश और दूसरे एशियाई देशों में भी इस्कॉन के मंदिर बने हुए हैं।

Latest articles

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सादगी और सेवा के साथ 62वां जन्मदिन मनाया

जशपुर/बगिया। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को अपना 62वां जन्मदिन अपने गृह...

मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में मॉडल स्टेट बनेगा राजस्थान: हर जिले में खुलेंगे ‘मेंटल हेल्थ केयर सेल्स’

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेशवासियों के शारीरिक स्वास्थ्य के...

सीएम मान का कैंसर अस्पताल में औचक निरीक्षण, बोले- रोबोटिक सर्जरी जैसी सुविधाओं से लैस होगा संस्थान

बठिंडा। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य में कैंसर के इलाज को विश्व-स्तरीय...

सीएम मान ने तलवंडी साबो में किया नई एसडीएम बिल्डिंग का उद्घाटन, अकाली दल पर साधा निशाना

तलवंडी साबो। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बठिंडा जिले के तलवंडी साबो में...

More like this

ट्रम्प बोले- इजराइल और लेबनान 10 दिन के सीजफायर पर राजी, आज रात 2:30 बजे से लागू होगा

दोनों देशों से बात कर सहमति बनाई तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा...

इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका वार्ता: लेबनान पर तकरार, तेहरान और अमेरिका अपनी शर्तों पर अड़े!

नई दिल्ली। लगभग छह हफ़्तों तक चले विनाशकारी संघर्ष के बाद अब पूरी दुनिया...