6.6 C
London
Thursday, April 23, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयसीरिया में बांग्लादेश जैसा नजारा, क्रेन से गिराई गई राष्ट्रपति असद के...

सीरिया में बांग्लादेश जैसा नजारा, क्रेन से गिराई गई राष्ट्रपति असद के भाई की प्रतिमा

Published on

दमिश्क:

सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल असद को बड़ा झटका लगा है। राष्ट्रपति असद के विरोधी इस्लामिक विद्रोहियों का दूसरे सबसे बड़े शहर अलेप्पो पर कब्जा हो गया है। 8 साल बाद एक बार फिर विद्रोही मध्य अलेप्पो की सड़कों पर घूम रहे हैं और राष्ट्रपति बशर अल असद की सरकार के प्रतीकों को गिरा रहे हैं। सीरियाई सेना ने साल 2016 में ईरान और रूस के समर्थन से विद्रोहियों को अलेप्पो से बाहर कर दिया था और इदलिब क्षेत्र तक सीमित कर दिया था। लेकिन विद्रोहियों ने आश्चर्यजनक रूप से हमला करके अलेप्पो में संतुलन को बदल दिया है। पिछले कई वर्षों में असद शासन के लिए यह सबसे बड़ी चुनौती है।

अलेप्पो में विद्रोहियों ने राष्ट्रपति बशर अल-असद के भाई बसल अल-असद की घोड़े पर सवार प्रतिमा को गिरा दिया है। एक्स पर शेयर किए गए वीडियों में लोगों को जश्न की गोलियों की आवाज़ के बीच घोड़े की आकृति के ऊपर से सीरिया के शासक के भाई बासेल अल-असद की मूर्ति को गिराते हुए दिखाया गया। यह नजारा अगस्त में बांग्लादेश की राजधानी ढाका जैसा है, जब शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद विरोधी आंदोलनकारियों ने शेख मुजीबुर रहमान की प्रतिमा को गिरा दिया था।

पीछे हटी सीरियाई सेना
तुर्की की अनादोलु समाचार एजेंसी ने बताया है कि सीरियाई सेना नागरिक हवाई अड्डे समेत कई प्रमुख स्थानों से हट गई है। इस्लामिक विद्रोहियों के करीब होने के कारण हवाई अड्डे को बंद कर दिया गया है और इसका नियंत्रण कुर्द हथियारबंद समूहों को सौंप दिया गया है। विद्रोहियों के चैनल अलेप्पो टुडे ने खाली चौक में वर्दीधारी चरमपंथियों को दिखाया है।

सीरियाई राजधानी के रास्ते पर विद्रोही
चरमपंथी समूह हयात तहरीर अल-शाम (HTS) के नेतृत्व वाली सेनाओं ने दक्षिण में एक महत्वपूर्ण सैन्य अड्डे पर कब्जा करने के साथ ही राजधानी दमिश्क के राजमार्ग पर एक रणनीतिक स्थान साराकिब पर भी नियंत्रण कर लिया है। विद्रोहियों को तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगान का समर्थन हासिल है। विद्रोहियों ने अलेप्पो के पूर्व में एक सैन्य हवाई अड्डे पर कब्जा करने के प्रयास में सीरिया की सरकारी सेना के खिलाफ अपना अभियान शुरू किया और उनके नियंत्रण में तेजी से क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा आ गया।

बशर अल-असद के सामने सत्ता बचाने का संकट
सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। 8 साल पहले जब उनकी सरकारी सेना ने विद्रोहियों को पीछे धकेला था, तो उन्हें ईरान और रूस का साथ मिला था। ईरान ने तो लेबनान के शिया चरमपंथी गुट हिजबुल्लाह के हजारों लड़ाकों को लड़ने के लिए सीरिया भेजा था। लेकिन ईरान इस बार इजरायल के साथ अप्रत्यक्ष युद्ध में उलझा है, जबकि हिजबुल्लाह का लगभग पूरा नेतृत्व इजरायली हमले में खत्म हो चुका है। वहीं, रूस के राष्ट्रपति यूक्रेन के साथ करीब तीन साल से युद्ध में उलझे हुए हैं।

Latest articles

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सादगी और सेवा के साथ 62वां जन्मदिन मनाया

जशपुर/बगिया। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को अपना 62वां जन्मदिन अपने गृह...

मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में मॉडल स्टेट बनेगा राजस्थान: हर जिले में खुलेंगे ‘मेंटल हेल्थ केयर सेल्स’

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेशवासियों के शारीरिक स्वास्थ्य के...

सीएम मान का कैंसर अस्पताल में औचक निरीक्षण, बोले- रोबोटिक सर्जरी जैसी सुविधाओं से लैस होगा संस्थान

बठिंडा। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य में कैंसर के इलाज को विश्व-स्तरीय...

सीएम मान ने तलवंडी साबो में किया नई एसडीएम बिल्डिंग का उद्घाटन, अकाली दल पर साधा निशाना

तलवंडी साबो। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बठिंडा जिले के तलवंडी साबो में...

More like this

ट्रम्प बोले- इजराइल और लेबनान 10 दिन के सीजफायर पर राजी, आज रात 2:30 बजे से लागू होगा

दोनों देशों से बात कर सहमति बनाई तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा...

इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका वार्ता: लेबनान पर तकरार, तेहरान और अमेरिका अपनी शर्तों पर अड़े!

नई दिल्ली। लगभग छह हफ़्तों तक चले विनाशकारी संघर्ष के बाद अब पूरी दुनिया...