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चीन ने रूस के साथ मिलकर जापान और दक्षिण कोरिया को डराया, पहली बार सीमा के पास उड़ाया परमाणु बॉम्‍बर H-6N

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मास्‍को/टोक्‍यो/बीजिंग

चीन और रूस की वायुसेना ने शुक्रवार को जापान सागर में संयुक्‍त हवाई गश्‍त लगाया है। साल 2019 से शुरू हुआ यह हवाई अभ्‍यास 9वीं बार हुआ है। हालांकि इस बार चीन ने पहली बार अपने बेहद शक्तिशाली परमाणु बॉम्‍बर H-6N को भेजकर दुनिया को दहशत में डाल दिया है। चीन के सरकारी अखबार ग्‍लोबल टाइम्‍स के मुताबिक रूस ने इस गश्‍त के लिए अपने Tu-95MS बॉम्‍बर को भेजा था। चीन के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि यह परमाणु बॉम्‍बर की गश्‍त किसी तीसरे देश को ध्‍यान में रखकर अंजाम नहीं दी गई है। वहीं विश्‍लेषकों का कहना है कि यह सीधे तौर पर जापान और दक्षिण कोरिया को संदेश है जो अमेरिकी सेनाओं को अपने यहां जगह दिए हुए हैं।

दक्षिण कोरिया की सेना ने बताया कि 11 चीनी और रूसी व‍िमान उसके जलसीमा के पास से गुजरे। इसके जवाब में दक्षिण कोरिया ने भी अपने फाइटर जेट को इलाके में भेजा। करीब 4 घंटे तक चीनी और रूसी बॉम्‍बर दक्षिण कोरिया की सीमा के पास बने रहे लेकिन उन्‍होंने दक्षिण कोरिया की हवाई सीमा को पार नहीं किया। दक्षिण कोरिया ने बिना घोषणा के इस तरह की उड़ान के लिए चीन और रूस दोनों से ही विरोध दर्ज कराया है। दक्षिण कोरिया की सेना ने बताया कि रूसी विमान उत्‍तर पूर्व से आए थे और चीनी विमान दक्षिण की ओर से आए और उत्‍तर की ओर चले गए।

चीन का बॉम्‍बर कितना ताकतवर ?
चीन और रूस के विमानों के बीच में डोकडो के दक्षिण में मुलाकात हुई। यह द्वीपों का एक समूह है जिस पर दक्षिण कोरिया और जापान दोनों ही दावा करते हैं। चीन की सरकारी मीडिया ने कहा कि यह गश्‍त उनके वार्षिक योजना का हिस्‍सा है जिसका उद्देश्‍य संयुक्‍त ट्रेनिंग और ऑपरेशनल क्षमता को मजबूत करना है। यह संयुक्‍त गश्‍त ठीक उसी तरह की है जैसे जुलाई महीने में अलास्‍का में रूस और चीन ने अंजाम दिया था। इसके जवाब में अमेरिका और कनाडा ने अपने फाइटर जेट भेजे थे।

रूस और चीन के बीच युद्ध कराएगा यह शहर!
रूस ने यह कदम ऐसे समय पर उठाया है जब उसने यूक्रेन में हाल ही में हाइपरसोनिक मिसाइलों की बारिश तेज कर दी है। चीन का यह बॉम्‍बर शीतयुद्ध के जमाने का है लेकिन उसने इसका आधुनिकीकरण करके इसे परमाणु बम गिराने लायक बना लिया है। व‍िशेषज्ञों का कहना है कि यह विमान बलिस्टिक मिसाइल के जरिए हवा से परमाणु हमला करता है। चीन का यह बॉम्‍बर लंबी दूरी तक एंटी शिप और जमीन पर हमला करने में सक्षम मिसाइलों से हमला करने में सक्षम है। इस बॉम्‍बर में हवा में ही ईंधन भरा जा सकता है। इससे यह प्रशांत महासागर में मौजूद अमेरिका के ज्‍यादातर सैन्‍य अड्डों जैसे गुआम को तबाह करने की क्षमता रखता है।

 

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