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Friday, March 13, 2026
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US में H-1B Visa पर जॉब कर रहे कर्मचारी ने बयां की चौंकाने वाली आपबीती, जानें क्या कहा

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अमेरिका में जरूरी नहीं कि एच-1बी वीजा पर सबकी जॉब मजेदार चल रही हो, उनमें से कई के लिए यह पीड़दायक भी हो गई है। एक एच-1बी वीजा धारक कर्मचारी की आपबीती से ऐसा ही लगता है। एम9 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक एच-1बी धारक ने बताया, ”मैं फंसा हुआ महसूस करता हूं।” कर्मचारी ने अपने बॉस को शोषण करने वाला करार दिया। रिपोर्ट में कर्मचारी की पहचान का जिक्र नहीं है, उसे एक अनाम कर्मचारी के रूप में बताया गया है, वहीं विशेषज्ञों के हवाले से एच-1बी वीजा कार्यक्रम की शर्तों में संशोधन की वकालत की गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, कर्मचारी के लिए अमेरिका में रहने और काम करने का सपना एक बुरे सपने में बदल गया है। इसमें कहा गया है कि अमेरिकन ड्रीम कई एच-1बी धारक कर्मचारियों को अपमानजनक नियोक्ता के साथ बांध देता है, जिससे बचने का कोई स्पष्ट रास्ता नहीं है। पीड़ित बताए गए कर्मचारी के हवाले से बताया गया, ”मांगें धीरे-धीरे शुरू हुईं, लेकिन जल्द ही तेज हो गईं। शुरू में, यह देर रात तक काम करने के बारे में था। बॉस मजाक उड़ाता था, अगर आप 12 घंटे काम नहीं कर रहे हैं तो आप अपना काम ठीक से नहीं कर रहे हैं।”

‘जल्द ही माहौल दमघोंटू हो गया’- H1B Visa कर्मचारी
रिपोर्ट के अनुसार, कर्मचारी ने कहा, ”जल्द ही यह एक दमघोंटू माहौल में बदल गया, जहां किसी भी समय कॉल का जवाब देना पड़ता है और व्यक्तिगत सीमाएं गायब हो जाती है। फिर कॉन्ट्रैक्ट आया, जो अवास्तविक लगा।” कर्मचारी ने बताया कि नई शर्तें अपमानजनक थीं। नियोक्ता की ओर से स्वीकृत अनिवार्य वर्कआउट करना पड़ता है। पहले बगैर पूछे बीमारी की छुट्टी ली या परिवारिक आपात स्थितियों के लिए छुट्टी ली तो वेतन में कटौती हो जाती है। स्थिति यहां तक है कि अगर बॉस को जरूरी लगा तो वो कर्मचारियों को छुट्टी से वापस बुलाने का अधिकार रखता है।

कर्मचारी के अनुसार, “यह केवल हमारे काम को नियंत्रित करने के बारे में नहीं है, ऐसा लगता है कि वह हमारे जीवन के हर पहलू को निर्देशित करना चाहता है।” उसने बतया कि केवल कॉन्ट्रैक्ट की ही बात नहीं है, पिछले कई वर्षों में कंपनी ने वेतन रोक रखा है, कर्मचारियों को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया है और ऐसी स्थिति पैदा की है कि कर्मचारी जल्द से जल्द नौकरी छोड़ दें।

कर्मचारी ने बताया इसलिए नहीं छोड़ पा रहा नौकरी
कर्मचारी ने कहा कि उसके लिए नौकरी छोड़ना आसान नहीं है। H1B वीजा धारक के रूप में, अमेरिका में उसकी कानूनी स्थिति उसकी नौकरी पर निर्भर करती है। इस्तीफा देने का मतलब है कि उसके पास वीजा स्पॉन्सर करने के लिए तैयार कोई दूसरा नियोक्ता खोजने के लिए सिर्फ 60 दिन होंगे। अगर सफलता नहीं मिली तो अमेरिका को पूरी तरह से छोड़ना होगा – वह देश जहां उसने अपना जीवन बनाने में कई साल लगाए हैं।कर्मचारी ने कांपती आवाज में कहा, ”मैं यहां इतने लंबे समय से हूं। मेरी पूरी दुनिया अब यहां है… लेकिन अगर मुझे दो महीने में कोई दूसरा स्पॉन्सर नहीं मिला तो मैं सब कुछ खो दूंगा।”

‘बॉस हमें चुप रखने के लिए उस डर का इस्तेमाल करता है’
H1B वीजा पर कई लोगों के लिए यह स्थिति शोषण का माहौल बनाती है। नियोक्ता जानते हैं कि उनके कर्मचारी आसानी से इस्तीफा नहीं दे सकते हैं और इसका फायदा वे अनुचित मांगों को लागू करने के लिए उठाते हैं। कर्मचारी ने कबूल किया, “वह जानता है कि हम डरे हुए हैं… और वह हमें चुप रखने के लिए उस डर का इस्तेमाल करता है।”

उसने कहा, ”लगातार तनाव है। हर दिन एक और अपमान लाता है, एक और याद दिलाता है कि स्थिति कितनी अनिश्चित है।” कर्मचारी ने कहा, ”मैं बस यह नौकरी छोड़ना चाहता हूं, लेकिन देश से बाहर निकाले जाने के विचार से ही मैं डर हो जाता हूं। मेरे पास क्या विकल्प हैं?”

एक्पर्ट्स का क्या है कहना?
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की कहानियां सुधार की तत्काल आवश्यकता को उजागर करती हैं। H-1B वीजा प्रणाली ने कर्मचारियों को निर्वासन के डर के बिना शोषण वाले कार्यस्थलों से बचने की स्वतंत्रता दी, लेकिन अभी के लिए यह कर्मचारी कई अन्य लोगों की तरह, एक अंतहीन चक्र में फंसा हुआ महसूस करता है। कर्मचारी ने कहा, “मुझे वह काम पसंद है जो मैं करता हूं। मैं यहां एक बेहतर जीवन बनाने, कुछ सार्थक योगदान देने के लिए आया था, लेकिन मैं दो असंभव विकल्पों के बीच फंसा हुआ हूं। दुर्व्यवहार सहना या वह सब कुछ खोना जिसके लिए मैंने इतनी मेहनत की है।”

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