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छत्तीसगढ़ : शौचालय में पढ़ने को विवश आदिवासी छात्र, टॉयलेट सीट पर चादर बिछाकर पड़ता है सोना

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नारायणपुर,

छत्तीसगढ़ सरकार शिक्षा को लेकर कितना प्रतिबद्ध है. इसका अंदाजा बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले के छोटेडोंगर के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय से आई तस्वीर से लगाया जा सकता है. जहां हॉस्टल का शौचालय बेडरूम में तबदील हो गया है. तंग कमरे में रहने वाले आदिवासी बच्चे शौचालय की सीट को ढककर वहां बिस्तर लगाकर अपने सपने को पूरा करने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं.

वहीं, बालिकाओं के नहाने की जगह के पास हॉस्टल प्राचार्य की तरफ से लगाया गया सीसीटीवी नया विवाद खड़ा कर दिया है. सीसीटीवी को लेकर आम आदमी पार्टी ने छत्तीसगढ़ सरकार पर हमला बोला है. साथ ही कहा है कि इस प्रकार की घिनौनी हरकत करने वाले प्राचार्य पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई होनी चाहिए.

आम आदमी पार्टी ने प्रशासन को दिया अल्टीमेटम
आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष सुरजीत सिंह ठाकुर के द्वारा थाना प्रभारी को पत्र लिखकर एफआईआर की मांग की गई है. इसके अलावा मामले में कार्रवाई को लेकर प्रशासन को अल्टीमेटम भी दिया गया है. सर्व आदिवासी समाज ने कहा है कि जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो समाज उग्र आंदोलन करने के लिए समाज बाध्य होगा.

इधर, घटना की जानकारी मिलने पर जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है. आनन-फानन में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास शाखा के नेतृत्व में टीम गठित कर मामले की पड़ताल के लिए छोटेडोंगर रवाना किया गया है. जांच के बाद सहायक आयुक्त की तरफ से कलेक्टर को जांच प्रतिवेदन सौंपा जाएगा .

बातचीत में ADM वीरेंद्र बहादुर पांचभाई ने कहा कि हॉस्टल में नहाने की जगह में सीसीटीवी कैमरा लगाने और बाथरूम में सोने की जानकारी मिली है. जिस पर कलेक्टर बिपिन मांझी के दिशा निर्देश में सहायक आयुक्त को जांच के लिए छोटेडोंगर भेजा गया है. टीम की वापसी के बाद जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी.

ठंड में ठिठुरने को मजबूर छात्र
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के छात्रों का कहना है कि स्कूल में अव्यवस्थाएं हैं. विद्यालय के शौचालय की हालत पिछले दो माह से काफी खराब है. शौचालय का दरवाजा टूटा हुआ है. शौचालय की बदबू से विद्यालय के बच्चों व शिक्षकों का कैम्पस में रहना मुश्किल हो गया है. छात्रों के पास कंबल की भी कमी है, जिसके चलते छात्र कड़ाके की ठंड में रात में ठिठुर रहे हैं.

विद्यालय अधिक्षिका प्रभावी मिश्रा का कहना है कि उनके द्वारा विभाग के उच्च अधिकारियों को समस्याओं के बारे में अवगत कराया गया है. लेकिन अधिकारियों की तरफ से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है. पिछले 6 साल से साहब बोल रहे हैं कि भवन बनेगा, लेकिन अभी तक तैयार नहीं हो पाया.

यहां पर पानी की भी बहुत समस्या है. कभी-कभी तो बिना नहाए स्कूल जाना पड़ता है. जिससे लेट भी हो जाता है. कई लोग बाथरूम में सोते हैं. इस भवन में एक साथ दो संस्था का स्कूल चल रहा है. ऐसे में बालिका और बालक दो संस्था के बच्चे एक साथ पढ़ते हैं. भवन की बैठक क्षमता से अधिक बच्चे होने की वजह से सभी लोगों को दिक्कतें हो रही हैं.

सर्व आदिवासी समाज ने की निंदा
मामले में आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष सुरजीत सिंह ठाकुर कहना है कि बच्चों की बहुत दिन से शिकायत मिल रही थी. ऐसे में सोमवार को टीम बनाकर आश्रम में गए थे. बालक छात्रावास को छोटेडोंगर ओरछा कहा जाता है. वहां पर पाया गया कि बच्चे बाथरूम में सोने को मजबूर हैं. बच्चों के लिए बेड भी उपलब्ध नहीं है. बच्चे वहां पर खुले में नहाते हैं.जबकि बालक छात्रावास के बच्चे बाहर शौच करने के लिए जाते हैं.

इसके अलावा मामले में सर्व आदिवासी समाज के नेता फूल सिंह का कहना है कि 50 सीटों वाले स्कूल में 180 छात्र अतिरिक्त भरे गए हैं. ऐसे में जगह नहीं होने की वजह से शौचालय का इस्तेमाल किया जा रहा है और बेड भी शौचालय में लगवाया गया है. सर्व आदिवासी समाज इसकी निंदा करता है. साथ ही जहां पर लड़कियों का शौचालय बना है, वहां पर सीसीटीवी कैमरा भी लगाया गया है.

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