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Wednesday, April 22, 2026
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टारगेट पर दमिश्क है… सीरिया में विद्रोहियों की जीत और ईरान की वापसी से तुर्की के राष्‍ट्रपति एर्दोगन खुश

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दमिश्क

सीरिया में हयात तहरीर अल-शाम (HTS) के हमले के बाद राष्ट्रपति बशर अल असद के हाथ से चीजें तेजी से निकलती दिख रही हैं। एक तरफ असद सरकार के कब्जे से अहम शहर जा रहे हैं तो दूसरी ओर ईरान ने अपने सैन्य कमांडरों को सीरिया से निकालना शुरू कर दिया है। इस बीच सीरिया के अहम पड़ोसी देश तुर्की के राष्ट्रपति तैय्यप एर्दोगन ने विद्रोहियों की कार्रवाई का समर्थन किया है। तुर्की के राष्ट्रपति के शुक्रवार को सामने आए बयान में उन्होंने कहा है कि वह चाहते हैं कि विद्रोही सीरिया की राजधानी दमिश्क तक पहुंचे। सीरिया में विद्रोही सेनाओं को तुर्की का समर्थन नया नहीं है, हालांकि वह अल कायदा से निकले HTS जैसे समूहों को आतंकी संगठन भी मानता है।

तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने विद्रोहियों के आगे बढ़ने की उम्मीद जताते हुए कहा, ‘टारगेट साफतौर पर दमिश्क है। हम उम्मीद करते हैं कि विद्रोहियों का आगे बढ़ना बिना किसी परेशानी के जारी रहेगा।’ एर्दोगन ने स्थिति पर चिंता जाहिर करते हुए ये भी कहा कि सब उस तरह से नहीं हो रहा है, जैसे वह चाहते थे। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से यह क्षेत्र एक मुश्किल में है। एर्गोदन ने असद के खिलाफ लड़ने वाले विद्रोही बलों की जटिल संरचना पर भी बात की।

असद से बातचीत का भी किया जिक्र
एर्दोगन ने इस साल की शुरुआत में सीरियाई प्रेसीडेंट असद से मुलाकात करने और संबंधों को सामान्य करने की कोशिशों का भी जिक्र किया। तुर्की ने असद को सुझाव दिया है कि उन्हें सीरियाई लोगों के साथ बातचीत करके राजनीतिक समाधान निकालना चाहिए। तुर्की नहीं चाहता है कि हिंसा के कारण देश से भागने वाले प्रवासियों के चलते उसके सामने नई समस्या आए।

एर्दोगन का ये बयान इसलिए भी अहम है क्योंकि तुर्की ने कई बार सीरिया के विद्रोह में अपनी किसी भी सीधी संलिप्तता से इनकार किया है। तुर्की ने कहा है कि उसने विद्रोहियों को कोई समर्थन नहीं दिया है। हालांकि तुर्की पर सीरिया में ना सिर्फ विद्रोहियों का समर्थन करने बल्कि अपनी सीमा से लड़ाके भेजने का भी आरोप लगता रहा है।

माना जाता है कि तुर्की कई वर्षों से सीरिया के विद्रोही गुटो को समर्थन दे रहा है। तुर्की समर्थित गुटों का मकसद ईरान और रूस समर्थित असद शासन को उखाड़ फेंकना है। हालांकि तुर्की ने कई संगठनों को आतंकी संगठन माना है। इनमें अल कायदा से जुड़ा हयात तहरीर अल-शाम (HTS) भी शामिल है। HTS इस समय सीरिया की सबसे प्रमुख विद्रोही ताकत है।

 

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