9.9 C
London
Monday, April 27, 2026
HomeUncategorized'हीरो नहीं तो अंडरवर्ल्ड में होता', नाना पाटेकर ने खुद को कहा...

‘हीरो नहीं तो अंडरवर्ल्ड में होता’, नाना पाटेकर ने खुद को कहा हिंसक, बोले- इतने लोगों को पीटा कि नाम तक याद नहीं

Published on

एक्टर नाना पाटेकर अपने गुस्सैल स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। ‘परिंदा’ और ‘खामोशी’ जैसी फिल्मों के सेट पर एक्टर की तीखी नोकझोंक की कई घटनाएं हुई हैं। हाल ही में, नाना पाटेकर ने खुद भी माना कि वह काफी हिंसक तरह के आदमी हैं और कहा कि अगर वह एक्टर नहीं होते, तो शायद ‘अंडरवर्ल्ड में’ होते। उन्होंने कहा कि अभिनय से उन्हें अपनी दबी हुई भावनाओं को बाहर निकालने का मौका मिलता है।

सिद्धार्थ कन्नन से बात करते हुए एक्टर ने कहा, ‘लोग मुझसे डरते थे। मैं बहुत हिंसक था। मैं ज्यादा नहीं बोलता था, मैं अपने काम से सबसे बात करता था। मैं अब कम हिंसक हूं लेकिन आज भी अगर कोई मुझे उकसाता है तो मैं उसकी पिटाई कर देता हूं। अगर मैं एक्टर नहीं बनता तो अंडरवर्ल्ड में होता। मैंने कोई मज़ाक नहीं किया। मैं इसे लेकर बेहद गंभीर हूं। एक्टिंग ने मुझे एक आउटलेट दिया। यह मेरे लिए अपनी हताशा दूर करने का एक तरीका बन गया। मैंने बहुत से लोगों को पीटा है। मुझे उनमें से कई के नाम याद नहीं हैं। मेरे बहुत सारे झगड़े हुए हैं।’

संजय लीला भंसाली से भी हुआ झगड़ा
उन्होंने ‘खामोशी’ के सेट पर फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली के साथ अपनी लड़ाई को भी याद किया और कहा, ‘संभावना है कि मैं संजय लीला भंसाली के साथ काम पर लौटूंगा लेकिन मुझे लगता है कि जिस तरह से मैंने उन पर चिल्लाया, उन्हें बुरा लगा होगा। उसके बाद हमने काम नहीं किया। ऐसा नहीं है कि इस लड़ाई से हमारे जीवन में कोई फर्क पड़ा।’

मैं असभ्य हूं, कुछ भी बोल दूंगा
उन्होंने कबूल किया, ‘मुझे संजय के साथ काम करने की याद आती है, लेकिन समस्या यह है कि मैं बहुत असभ्य हूं। मैं बहुत खराब बातें बोलता हूं। इससे वो परेशान हो गए होंगे। हालांकि मैंने कभी उनसे कुछ भी क्लियर करने की कोशिश नहीं की। इतने लंबे समय से एक-दूसरे को जानने का क्या फायदा, अगर हमें ये छोटी-छोटी बातें एक-दूसरे को समझानी ही पड़े? मैं इसे अपनी गलती के रूप में भी नहीं देखता। देखते हैं, समय आने पर हम इसे सुलझा लेंगे।’

भंसाली के साथ सीन को लेकर बहस
इससे पहले ‘द लल्लनटॉप’ से बात करते हुए नाना पाटेकर ने संजय लीला भंसाली के साथ अपनी लड़ाई पर बात की थी। उन्होंने कहा, ‘सीमा बिस्वास के किरदार में, मेरी पत्नी, को दिल का दौरा पड़ता है। हम दोनों मूक हैं और वह मेरे पीछे है। मैं ताश खेल रहा हूं। मुझे नहीं पता कि मेरे पीछे क्या हो रहा है। अब, संजय चाहते थे कि मैं पीछे मुड़कर देखूं। उन्होंने कहा कि वह मेरी पत्नी हैं और हमारे बीच नॉन-वर्बल कनेक्शन है। मुझे अंदर से महसूस होना चाहिए कि मेरे पीछे कुछ हो रहा है, इसलिए मुझे घूम जाना चाहिए। मैंने उनसे पूछा कि जब मैं नहीं जानता कि क्या हो रहा है तो मुझे पीछे क्यों मुड़ना चाहिए?’

Latest articles

महिला आरक्षण के समर्थन में कांग्रेस का पैदल मार्च: भोपाल में निकाली रैली, जीतू पटवारी बोले- विधानसभा में करेंगे महिला आरक्षण की मांग

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में महिला आरक्षण के मुद्दे पर सियासी संग्राम तेज...

भोपाल के अन्ना नगर गार्बेज स्टेशन में भीषण आग: 25 टन कचरा और रिसाइक्लिंग सामग्री खाक

भोपाल। राजधानी के अन्ना नगर स्थित गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन में शनिवार देर रात लगी...

ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पर भोपाल पुलिस सख्त: अप्रैल माह में वसूला 11 लाख से अधिक का जुर्माना

भोपाल। राजधानी की सड़कों पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के...

भोपाल में भीषण गर्मी का कहर: नर्सरी से 8वीं तक के स्कूलों में 30 अप्रैल तक छुट्टी

भोपाल। राजधानी भोपाल में सूर्यदेव के तल्ख तेवरों और लगातार बढ़ रहे तापमान ने...

More like this

समय पर खर्च करें केंद्रीय निधि, ताकि विकास की गति बनी रहे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के विकास में केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं...

मप्र में टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘शतक’ — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले— राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत का देती है संदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी फिल्म ‘शतक’ को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ की दूसरी बैठक — 84,282 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई...

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ कार्यक्रम की दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित...