6.6 C
London
Wednesday, April 22, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयमिसाइल, फाइटर जेट... रूसी हमले का खतरा, नाटो ने हथियारों के लिए...

मिसाइल, फाइटर जेट… रूसी हमले का खतरा, नाटो ने हथियारों के लिए खोला खजाना, सच होगी तीसरे विश्वयुद्ध की भविष्यवाणी

Published on

कीव

नाटो ने अपने रक्षा खर्च को बढ़ाने जा रहा है। यह रूस के खतरे और यूरोप की सैन्य आत्मनिर्भरता के दबाव के बीच किया जा रहा है। नाटो का लक्ष्य 2030 तक जीडीपी के 2 प्रतिशत के मौजूदा मानक को बढ़ाकर 3 फीसदी करने का है। इसमें हवाई सुरक्षा, आक्रामक हथियार और परमाणु प्रतिरोध क्षमताओं को मजबूत करना शामिल है। यह प्रस्ताव अमेरिका की उस अपील के अनुरूप है, जिसमें नाटो सदस्यों से रक्षा जिम्मेदारियों का एक बड़ा हिस्सा उठाने को कहा गया है। दूसरी ओर रूस भी आक्रामक है, ऐसे में विश्व युद्ध जैसे संघर्ष का खतरा भी बढ़ रहा है।

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, नाटो के 32 सदस्यों में रक्षा खर्च व्यापक रूप से भिन्न है। पोलैंड रक्षा के लिए GDP का 4.7 प्रतिशत आवंटित करते हुए काफी आगे है। वहीं इटली और स्पेन जैसे देश 2 प्रतिशत के मानक से काफी पीछे हैं। इटली अपने GDP का 1.49 प्रतिशत रक्षा पर खर्च करता है। स्पेन रक्षा के लिए GDP का केवल 1.28 फीसदी खर्च करता है। यूरोपीय नेता और विश्लेषक इस बात से सहमत हैं कि वर्तमान खर्च का स्तर NATO की बदलती रक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। खासकर यूक्रेन में चल रहे युद्ध को देखते हुए इसे बढ़ाना जरूरी है।

नाटो देश बढ़ाएंगे रक्षा बजट
स्पेन, जर्मनी के अलावा यूके ने भी रक्षा खर्च में बढ़ोतरी की बात कही है। रक्षा वृद्धि को सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए एक आवश्यक कदम के रूप में देखा जाता है लेकिन यूरोपीय अर्थव्यवस्थाओं के लिए पहले से ही राजकोषीय दबावों के चलते ये चुनौतियां पैदा करता है। ऐसे में यूरोपियन यूनियन रक्षा निवेश का समर्थन करने के लिए नए वित्तीय तंत्र तलाश रहा है।

हेग में होने वाला शिखर सम्मेलन इन प्रतिबद्धताओं को अंतिम रूप देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में काम कर सकता है। नए लक्ष्य सामूहिक रक्षा के लिए NATO के दृष्टिकोण में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक होंगे। ये बदलाव यूरोप के भीतर अधिक वित्तीय और परिचालन स्वतंत्रता को बढ़ावा देने वाले हो सकते हैं।

तीसरे विश्व युद्ध की आहट!
नाटो देशों ने खुलकर अपना रक्षा खर्च बढ़ाने का बात कही है और इसकी वजह रूस की बढ़ती सैन्य ताकत और यूक्रेन युद्ध कहा है। दूसरी ओर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी आक्रामक रुख दिखाया है। ऐसे में कई एक्सपर्ट इसे तीसरे विश्व युद्ध की आहट की तरह भी देख रहे हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि ये एक बड़े संघर्ष की भी वजह बन सकता है।

Latest articles

पहलगाम हमले की बरसी: PM मोदी ने जान गंवाने वाले निर्दोषों को याद किया, कहा- आतंक के आगे भारत कभी नहीं झुकेगा

नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भावुक...

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने एआई इम्पैक्ट समिट-2026 की तर्ज पर भारत के पहले एआई फेस्ट की मेजबानी

चंडीगढ़ l इंडिया एआई मिशन को मजबूती देने के लिए सीयू एआई मिशन लॉन्च...

अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण पर सख्ती बरतें, कोताही बर्दाश्त नहीं: उप मुख्यमंत्री अरुण साव के कड़े निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने...

राजस्थान: पेयजल संकट से निपटने के लिए सरकार का ‘सुपर एक्शन’, दो दिन में ठीक हुए 1500 से ज्यादा हैंडपंप

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था...

More like this

ट्रम्प बोले- इजराइल और लेबनान 10 दिन के सीजफायर पर राजी, आज रात 2:30 बजे से लागू होगा

दोनों देशों से बात कर सहमति बनाई तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा...

इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका वार्ता: लेबनान पर तकरार, तेहरान और अमेरिका अपनी शर्तों पर अड़े!

नई दिल्ली। लगभग छह हफ़्तों तक चले विनाशकारी संघर्ष के बाद अब पूरी दुनिया...