कानपुर
आईआईटी की 26 वर्षीय शोध छात्रा से रेप के आरोपों से घिरे पीपीएस अफसर मोहसिन खान मुश्किल में हैं। कलेक्टरगंज में एसीपी पद पर तैनात रहे मोहसिन खान के ऊपर मुकदमा दर्ज होने से पहले पुलिस अफसरों ने बातचीत की। इस दौरान 2013 बैच के अफसर ने कहा कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। उनकी पीएचडी छात्रा से केवल दोस्ती थी। वह उन पर शादी का दबाव बना रही थी। वह कई बार ब्लेड से अपना हाथ काट चुकी थी। वह उनको ब्लैकमेल कर रही थी।
आपको बता दें कि एसीपी पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली पीएचडी छात्रा का गुरुवार देर रात आनन फानन बारासिरोही स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल कराया गया। रात करीब 11 बजे मेडिकल कराकर छात्रा को वहां से निकाला गया। शुक्रवार को छात्रा का कोर्ट के समक्ष बयान दर्ज कराया जाएगा। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। एसीपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज होते ही अफसरों ने पूरी रिपोर्ट बनाकर डीजीपी मुख्यालय भेज दी है।
2013 बैच के अफसर को अरेस्ट नहीं किया गया: पुलिस
अधिकारियों ने बताया कि प्रांतीय पुलिस सेवा (पीपीएस) के 2013 बैच के अधिकारी मोहसिन खान को कलेक्टरगंज से हटाकर लखनऊ में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) अंकिता शर्मा ने बताया कि अधिकारी को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है।मामले की गहन छानबीन के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। पांच सदस्यीय एसआईटी का नेतृत्व सहायक पुलिस उपायुक्त (यातायात) अर्चना सिंह कर रही हैं।
साइबर क्राइम में पीएचडी कर रहे मोहसिन खान
आरोपी एसीपी मोहसिन खान ने साइबर क्राइम और क्रिमिनोलॉजी में पीएचडी करने के लिए पांच महीने पहले आईआईटी-के में दाखिला लिया था। इस दौरान, उन्होंने कथित तौर पर शोध छात्रा से शादी का वादा करके उससे यौन संबंध बनाए। पीड़िता का आरोप है कि एसीपी ने अपनी पहली पत्नी को तलाक देने के बाद उससे शादी करने का वादा किया था लेकिन जब अधिकारी ने इनकार कर दिया, तो पीड़िता ने धोखाधड़ी और यौन उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कराई।
