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क्या विदेशी लोगों को नौकरी नहीं देंगे डोनाल्ड ट्रंप? H-1B वीजा को लेकर आई रिपोर्ट में हुआ खुलासा

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अमेरिका का H-1B वीजा प्रोग्राम की डिमांड हाई-स्किल वाले विदेशी प्रोफेशनल्स के बीच सबसे ज्यादा रहती है। हाल के सालों में H-1B वीजा के लिए डिनाइल रेट काफी कम हुआ है। आसान भाषा में कहें तो वीजा के लिए आवेदन करने पर कम संख्या में एप्लिकेशन रिजेक्ट किए जा रहे थे। वित्तीय वर्ष 2024 में H-1B वीजा पिटीशन का रिजेक्शन रेट 2.5% रहा, जो 2023 में 3.5% था। हालांकि, एक नई रिपोर्ट में बताया गया है कि जल्द ही ये हालात बदलने वाले हैं।

पिछले चार साल से जो बाइडेन राष्ट्रपति हैं, जिनके कार्यकाल में वीजा रिजेक्शन रेट कम रहा है। मगर रिपब्लिकन पार्टी के नेता डोनाल्ड ट्रंप चुनाव जीत चुके हैं। जनवरी में एक बार फिर से ट्रंप राष्ट्रपति बनने वाले हैं। ऐसे में इस बात की पूरी उम्मीद जताई जा रही है कि ट्रंप की वापसी के साथ ही वीजा नियम कड़े हो जाएंगे। ‘नेशनल फाउंडेशन फॉर अमेरिकन पॉलिसी’ (NFAP) ने H-1B Petitions and Denial Rates in FY2024 नाम से एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें H-1B वीजा को लेकर बताया गया है।

H-1B वीजा को लेकर रिपोर्ट में क्या कहा गया?
रिपोर्ट में बताया गया है कि वित्तीय वर्ष 2015 में रिजेक्शन रेट 6% था, लेकिन जैसे ही 2016 में ट्रंप राष्ट्रपति बने वैसे ही ये बढ़ गया। वित्तीय वर्ष 2018 में 24% और 2020 में तो ये 30% पर पहुंच गया। ट्रंप से पहले बराक ओबामा के कार्यकाल में H-1B वीजा के लिए औसतन रिजेक्शन रेट 3.2% था, जो ट्रंप के कार्यकाल में 18% हो गया था। रिपोर्ट में बताया गया है कि ट्रंप सरकार के आने पर इमिग्रेशन नियम कड़े होंगे, जिसका सीधा असर H-1B वीजा प्रोग्राम पर पड़ने वाला है।

हर साल कितने H-1B वीजा जारी होते हैं?
अमेरिकी सरकार हर साल 65,000 H-1B वीजा जारी करती है। इसके अलावा अमेरिकी यूनिवर्सिटी से मास्टर करने वाले या हायर एजुकेशनल क्वालिफिकेशन वाले लोगों के लिए 20,000 वीजा अतिरिक्त होते हैं। यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) ने बताया है कि वित्तीय वर्ष 2025 के लिए H-1B वीजा की लिमिट पूरी हो चुकी है। बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप अगले साल जनवरी में अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेने वाले हैं।

अमेरिकी कंपनियों के लिए जरूरी है H-1B वीजा?
अमेरिका में ऑपरेट होने वाली कंपनियों के लिए H-1B वीजा बहुत जरूरी होता है। इसके जरिए वे विदेशी स्किल प्रोफेशनल्स को नौकरी पर रखती हैं। वित्तीय वर्ष 2024 में 30 हजार से ज्यादा कंपनियां ऐसी थीं, जिन्होंने कम से कम एक विदेशी कर्मचारी को काम पर रखा था। इस साल अप्रूव किए गए करीब आधे (49.1%) H-1B वीजा उन लोगों को दिए गए, जो साइंटिफिक या टेक्निकल सर्विसेज से जुड़े थे। इसके बाद शिक्षा (11.9%), मैन्युफेक्चरिंग (9.3%) और हेल्थकेयर (6.5%) से जुड़े लोगों को वीजा मिला।

H-1B वीजा प्रोग्राम में हो सकता है बदलाव?
ब्लूमबर्गलॉ की एक रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस का ऑफिस ऑफ इंफॉर्मेशन एंड रेगुलेटरी अफेयर्स (OIRA) H-1B वीजा प्रोग्राम में बड़े बदलावों की समीक्षा कर रहा है। यह समीक्षा सार्वजनिक घोषणा से पहले का आखिरी चरण है। USCIS ने पिछले साल नए नियमों का मसौदा जारी किया था। इन नियमों में H-1B वीज़ा के लिए योग्यता मानकों में बदलाव शामिल थे। जैसे, डिग्री की जरूरतें। रिपोर्ट के मुताबिक, OIRA को गुरुवार को अंतिम नियम (1615-AC70) मिला।

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