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आराम से बात कीजिए। ढंग से बात कीजिए। अश्विनी वैष्णव से बात कराएं क्या। हाथ हटाकर बात कीजिए। आप धीरे बोलिए। जी हां, कुछ इसी तरह की बातचीत से ट्रेन के एसी कोच में बैठे यात्रियों का कुछ देर तक मनोरंजन हुआ। लेकिन टीटीई ने बेटिकट यात्री का पानी उतार दिया। टीटीई ने औकात बताते हुए साफ कहा कि आप एसी कोच में बिना टिकट कैसे चढ़ गए। यात्री कहता रहा कि बस बक्सर तक जाना है। भतीजा मेरा डीआरएम है, बात कराएं क्या?
एसी कोच के अंदर हंगामा
पटना से बक्सर की ओर जा रही ट्रेन के एसी कोच में हंगामा चल रहा है। पगड़ी बांधकर एसी कोच में चढ़े एक यात्री बकायदा टीटीई से उलझ रहे हैं। उल्टे शिकायत कर रहे थे कि उन्हें एसी कोच में बैठने नहीं दिया जा रहा है। किसी यात्री ने उनका वीडियो बना लिया। जब टीटीई वहां पहुंचे, तो भाई साहब ने भतीजे के डीआरएम होने का हवाला दिया। उसके बाद भी बात नहीं बनी। वे डायरेक्ट रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से बात कराने का चैलेंज दे रहे थे।
बेटिकट यात्री का बवाल
टीटीई ने कहा कि आराम से बात कीजिए। शरीर को हाथ मत लगाइए। उसके बाद देखिए इस वीडियो में भाई साहब की गर्मी थोड़ी देर में शांत हो गई। एक तो बिना टिकट ट्रेन में चढ़े और ऊपर से रौब झाड़ रहे थे, सो अलग। अब उनका ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लोग पूछ रहे हैं कि ये कौन हैं? इनका भतीजा किस मंडल में डीआरएम है। डीआरएम ने कैसे किसी भी श्रेणी में बिना टिकट के यात्रा करने की परमिशन दी है। इस वीडियो की एनबीटी ऑनलाइन पुष्टि नहीं करता है।
सोशल मीडिया में वीडियो वायरल
उधर, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोग कई तरह के सवाल खड़े कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि बिहार से गुजरने वाली ट्रेनों में इस तरह के यात्री बिना टिकट एसी कोच में चढ़ जाते हैं। यात्रियों से बदतमीजी करते हैं। टीटीई के पूछने पर उनसे उलझ जाते हैं। अपनी पहुंच और पैरवी का हवाला देते हैं। ट्रेन की सुरक्षा भगवान भरोसे रहती है। इसलिए रेलवे को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
