इस्लामाबाद
पाकिस्तान की वायु सेना अपने लिए एक नए लड़ाकू विमान को विकसित करने के प्रयास को आगे बढ़ा रही है। पाकिस्तान का नया लड़ाकू विमान सिंगल इंजन पर होगा, जिसे 4.5 पीढ़ी के फाइटर प्रोग्राम के रूप में विकसित करने की योजना है। पाकिस्तान के नए फाइटर प्रोग्राम का डिजाइन वर्तमान में मौजूद JF-17 लड़ाकू विमान से लिया गया मालूम पड़ता है। आईडीआरडब्ल्यू की रिपोर्ट के अनुसार, इसमें रेड्यूस्ड रडार क्रॉस सेक्शन फीचर, इंफ्रारेड सर्च और ट्रैक (IRST) सिस्टम और एक्टिव इलेक्ट्रॉनिक स्कैन्ड एरे रडार (AESA) जैसे अपडेट शामिल किए जाएंगे।
क्या चीन से दूरी बनाने की कोशिश?
शुरुआती रिपोर्ट में इस बात का संकेत दिया गया था कि PFX एक डबल इंजन वाला लड़ाकू विमान होगा। हालांकि, ताजा अपडेट ये बताते हैं पाकिस्तान का फोकस ऐसे फाइटर प्रोग्राम पर है जो पूरी तरह से स्थानीय स्तर पर विकसित हो। इसके साथ ही इसमें चीनी तकनीक पर महत्वपूर्ण निर्भरता से बचने की कोशिश भी है। पाकिस्तान का हथियार कार्यक्रम में चीनी निर्भरता तेजी से बढ़ी है, लेकिन पाकिस्तान अब इसे कम करना चाहता है।
भारत की बराबरी करने की इच्छा
यह बताता है कि पाकिस्तान की महत्वाकांक्षा भी अब भारत की तरह ही आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन को स्थापित करने की है। भारत ने स्वदेशी रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति की है। आईडीआरडब्ल्यू की रिपोर्ट में कहा गया है कि दो इंजन वाले लड़ाकू विमान पर 2035 के बाद फिर से विचार किया जा सकता है। पाकिस्तान की भविष्य में स्वदेशी पांचवी पीढ़ी के फाइटर विकसित करने की योजना भी है।
पाकिस्तानी फाइटर प्रोग्राम के सामने मुश्किल
पाकिस्तान के पीएफएक्स कार्यक्रम को कई बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें आईआरएसटी, एईएसए रडार और स्टील्थ सामग्रियों जैसी स्वदेशी प्रौद्योगिकियों का विकास शामिल है। इन प्रणालियों के उत्पादन का पाकिस्तान के पास अनुभव नहीं है, ऐसे में उसे अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए पर्याप्त निवेश और अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ सहयोग की आवश्यकता होगी। पाकिस्तान की योजना में भविष्य में चीन के J-35A स्टील्थ फाइटर का लाभ उठाना शामिल है। चीन के पांचवीं पीढ़ी के इस विमान को पाकिस्तान खरीदने की योजना बना रहा है।
