नई दिल्ली,
संसद में गृह मंत्री अमित शाह की ओर से डॉ भीमराव आंबेडकर को लेकर दिए गए बयान के बाद सदन में विपक्ष हमलावर है. कांग्रेस ने तो अमित शाह के इस्तीफे की मांग तक कर दी है. कई दलों ने सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी है. इसी बीच बसपा सुप्रीमो मायावती और पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी का भी बयान सामने आया है.
मायावती ने कांग्रेस-बीजेपी को दी नसीहत
सदन में आंबेडकर को लेकर मचे घमासान के बीच बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक्स पर लिखा, ‘कांग्रेस और बीजेपी एंड कंपनी के लोगों को बाबा साहेब डा. भीमराव आंबेडकर की आड़ में अपनी राजनैतिक रोटी सेंकने की बजाय, इनका पूरा आदर-सम्मान करना चाहिए. इन पार्टियों के लिए इनके जो भी भगवान हैं उनसे पार्टी को कोई ऐतराज नहीं है. लेकिन दलितों और अन्य उपेक्षितों के लिए एकमात्र इनके भगवान केवल बाबा साहेब डा. भीमराव आंबेडकर हैं, जिनकी वजह से ही इन वर्गों को जिस दिन संविधान में कानूनी अधिकार मिले हैं, तो उसी दिन इन वर्गों को सात जन्मों तक का स्वर्ग मिल गया था.’
उन्होंने आगे लिखा, ‘कांग्रेस, बीजेपी आदि पार्टियों का दलित और अन्य उपेक्षितों के प्रति प्रेम विशुद्ध छलावा है. इनसे इन वर्गों का सही हित व कल्याण असंभव है. इनके कार्य दिखावटी ज्यादा, ठोस जनहितैषी कम हैं. बहुजन समाज व इनके महान संतों, गुरुओं, महापुरुषों को समुचित आदर-सम्मान बीएसपी सरकार में ही मिल पाया है.’
ममता बनर्जी ने क्या कहा…
ममता बनर्जी ने कहा, ‘एक ओर संसद संविधान के 75 गौरवशाली वर्षों पर चर्चा कर रही है. वहीं दूसरी ओर गृह मंत्री शाह ने इस मौके को आंबेडकर के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों के साथ कलंकित करने के लिए चुना, वह भी लोकतंत्र के मंदिर में. यह भाजपा की जातिवादी और दलित विरोधी मानसिकता का प्रदर्शन है. यदि 240 सीटों पर सिमटने के बाद उनका व्यवहार ऐसा है, तो कल्पना कीजिए कि अगर 400 सीटों का उनका सपना पूरा हो जाता तो उन्हें कितना नुकसान होता.’
ममता बनर्जी ने कहा कि अमित शाह की टिप्पणी उन लाखों लोगों का अपमान है जो मार्गदर्शन और प्रेरणा के लिए बाबासाहेब की ओर देखते हैं. लेकिन आप उस पार्टी से और क्या उम्मीद कर सकते हैं जिसने नफरत और कट्टरता को अपने अंदर समाहित कर लिया है?
राहुल गांधी ने भी बोला हमला
राहुल गांधी ने कहा, ‘यह संविधान के खिलाफ है. वे शुरू से कह रहे थे कि वे संविधान बदल देंगे. वे आंबेडकर जी और उनकी विचारधारा के खिलाफ हैं. उनका एकमात्र काम संविधान और अंबेडकर जी द्वारा किए गए काम को खत्म करना है. यह पूरा देश जानता है.’
क्या बोले थे अमित शाह
संसद में शीतकालीन सत्र चल रहा है. मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में संविधान पर चर्चा में हिस्सा में लिया और विपक्ष को जवाब दिया. इस दौरान उन्होंने डॉ. भीमराव आंबेडकर पर बयान दिया. अमित शाह ने कहा, अभी एक फैशन हो गया है. आंबेडकर, आंबेडकर, आंबेडकर… इतना नाम अगर भगवान का लेते तो 7 जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता. अच्छी बात है. हमें तो आनंद है कि आंबेडकर का नाम लेते हैं. आंबेडकर का नाम अभी 100 बार ज्यादा लो. लेकिन अंबेडकर जी के प्रति आपका भाव क्या है? ये मैं बताना चाहता हूं. आंबेडकर जी को देश की पहली कैबिनेट से इस्तीफा क्यों देना पड़ा. आंबेडकर जी ने कई बार कहा कि अनुसूचित जातियों और जनजातियों से हुए व्यवहार से मैं असंतुष्ट हूं. सरकार की विदेश नीति से मैं असहमत हूं. आर्टिकल 370 से मैं अहसमत हूं. इसलिए वो कैबिनेट छोड़ना थे. उन्हें आश्वासन दिया गया. लेकिन वो पूरा नहीं किया गया. लगातार दरकिनार किए जाने से उन्होंने कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था.
