मुंबई,
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और सीएम देवेंद्र फडणवीस के बीच हुई मुलाकात को ‘स्वागत योग्य बदलाव. बताया. शीतकालीन सत्र के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए एकनाथ शिंदे ने कहा कि जो लोग लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद ‘बहुत खुश’ थे और विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में लौटने पर हमें जेल भेजने की योजना बना रहे थे वे अब मुख्यमंत्री से मिल रहे हैं.
शिंदे ने कहा कि यह एक स्वागत योग्य बदलाव है, मुख्यमंत्री राज्य के नेता हैं और कोई भी उनसे मिल सकता है. उन्होंने भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति सरकार को ‘ईवीएम सरकार’ कहने के लिए विपक्ष की आलोचना की.
महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव में 48 में से 30 सीटें जीतने वाली विपक्षी महाविकास अघाड़ी (एमवीए) विधानसभा चुनाव में 288 में से केवल 46 सीटें ही जीत सकी थी. आम चुनाव में 17 सीटें जीतने वाली महायुति ने 230 विधानसभा सीटें जीतकर बाजी पलट दी. विधानसभा चुनाव के बाद से ही एमवीए के नेता इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर सवाल उठा रहे हैं.
एकनाथ शिंदे ने कहा कि जनादेश का अपमान मत करो, वरना अगली बार लोग तुम्हें सबक सिखाएंगे. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि फडणवीस के नेतृत्व में भाजपा, शिवसेना और एनसीपी के साथ महायुति सरकार एक टीम के रूप में काम करेगी और नतीजे देगी. विपक्ष की मांग के बारे में पूछे जाने पर कि विभागों का आवंटन कब किया जाएगा, ताकि वे राज्य से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर जवाब मांग सकें, इस पर शिंदे ने कहा कि मुख्यमंत्री और उनके दो उपमुख्यमंत्री ऐसा करने में सक्षम हैं.
शिंदे ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ नीति को लागू करने से पहले मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर चुनाव की उद्धव ठाकरे की मांग को “हास्यास्पद” बताया. उन्होंने कहा कि यह मुख्य चुनाव आयुक्त के संवैधानिक पद को चुनौती देने, संविधान और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का अपमान करने के बराबर है.
