इंदौर। मप्र के इंदौर स्थित भंवरकुआं थाना क्षेत्र में नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) की तैयारी कर रही एक 21 वर्षीय छात्रा अवंतिका मौर्य ने गुरुवार देर रात एक निजी बिल्डिंग की तीसरी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली. गंभीर रूप से घायल छात्रा को पहले एक निजी अस्पताल और फिर एमवाय (MY) अस्पताल ले जाया गया, जहां शुक्रवार सुबह इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. छात्रा के गिरने का एक कथित वीडियो भी सामने आया है।
मृतका के पिता डॉ. बंशीलाल मौर्य, जो खरगोन के भिकनगांव में मेडिकल ऑफिसर हैं, ने पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी से बातचीत में बेटी के डिप्रेशन में होने और सुसाइड करने की बात स्वीकार की है पुलिस के अनुसार, मूल रूप से धार जिले की रहने वाली अवंतिका धाकड़ कॉलोनी में अपनी बड़ी बहन डॉ. सपना मौर्य के साथ रह रही थी. परिजनों ने बताया कि अवंतिका पूर्व में तीन बार नीट की परीक्षा दे चुकी थी, लेकिन सफलता नहीं मिली थी. वह हमेशा डॉक्टर बनने का सपना देखती थी और कहती थी कि चाहे जो हो जाए वह एमबीबीएस (MBBS) जरूर करेगी। इस बार उसका पेपर अच्छा गया था, लेकिन हाल ही में परीक्षा को लेकर हुए विवाद और रद्द होने की खबरों के बाद से वह गहरे तनाव में थी और काफी चुप रहने लगी थी।
चचेरे भाई धन सिंह के मुताबिक, अवंतिका ने इससे पहले जनवरी में भी फिनाइल पीकर जान देने की कोशिश की थी, जिसके बाद परिजनों ने उसका दाखिला खरगोन के एक फार्मेसी कॉलेज में करवा दिया था. गुरुवार रात वह फोन पर बात करते हुए छत की तरफ गई और वहां से नीचे कूद गई. भंवरकुआं थाना प्रभारी संतोष दूधी ने बताया कि एसएफएल (SFL) की टीम ने मौके का मुआयना किया है और मोबाइल की कॉल डिटेल व अन्य परिस्थितियों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
