नई दिल्ली,
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्रिसमस के मौके पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और कैथोलिक बिशप्स कांफ्रेंस ऑफ इंडिया (सीबीसीआई) की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अपनी शुभकामनाएं दीं. प्रधानमंत्री ने कहा, “क्रिसमस की खुशियों में आप सबके साथ जुड़ने का यह अवसर हम सभी के लिए यादगार है. सीबीसीआई के 80 साल पूरे होने पर मैं सभी सदस्यों को बधाई देता हूं.”
कार्डिनल जॉर्ज कुवाकाड को सम्मानित करने पर गर्व
प्रधानमंत्री मोदी ने His Eminence Cardinal जॉर्ज कुवाकाड को His Holiness Pope Francis द्वारा Cardinal की उपाधि दिए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पूरे देश के लिए गर्व की बात है. उन्होंने बताया कि इस आयोजन में भारत सरकार ने केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेजा था. पीएम मोदी ने कहा कि, जब भारत का कोई बेटा सफलता की इस ऊंचाई पर पहुंचता है, तो पूरे देश को गर्व होना स्वाभाविक है.
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की विदेश नीति के बारे में कहा, “भारत की संतान, चाहे वह दुनिया में कहीं भी हो या किसी भी विपत्ति में हो, आज का भारत उन्हें हर संकट से बचाकर लाना अपना कर्तव्य समझता है. हमारी विदेश नीति में National Interest के साथ-साथ Human Interest को प्राथमिकता दी जाती है.”
प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं देश के युवाओं, विशेषकर ईसाई समुदाय के युवाओं को बधाई देता हूं, जो विकसित भारत के सपने को साकार करने में योगदान दे रहे हैं. ‘विकसित भारत’ हमारा सामूहिक लक्ष्य है, और इसे हासिल करना हमारी साझा जिम्मेदारी है. हमें आने वाली पीढ़ियों के लिए उज्जवल भविष्य सुनिश्चित करना होगा.”
आशा को शक्ति का स्त्रोत मानती है पवित्र बाइबलः पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने क्रिसमस के साथ शुरू हो रहे जयंती वर्ष (Jubilee Year) के महत्व को रेखांकित किया और इसके लिए सभी को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा, “यह वर्ष आप सभी के लिए विशेष महत्व रखता है. इस जयंती वर्ष के लिए आपने ‘आशा’ को थीम के रूप में चुना है, जो बहुत प्रेरणादायक है. पवित्र बाइबल भी आशा को शक्ति और शांति का स्रोत मानती है.”
प्रधानमंत्री ने ईसा मसीह की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा, “ईसा मसीह के उपदेश प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का संदेश देते हैं. यह जरूरी है कि हम सभी मिलकर इस भावना को और मजबूत बनाएं.” प्रधानमंत्री ने समाज में अशांति और हिंसा फैलाने के प्रयासों पर चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा, “यह दिल को दुखी करता है जब समाज में हिंसा और विघटन फैलाने की कोशिश की जाती है. कुछ दिन पहले हमने जर्मनी के क्रिसमस बाजार में हुई घटना देखी. ऐसे संकटों से निपटने के लिए हमें एकजुट होकर काम करना होगा.”
प्रधानमंत्री ने कहा कि क्रिसमस न केवल एक त्योहार है, बल्कि यह सभी को प्रेम, सद्भाव और सेवा का संदेश देता है. उन्होंने देशवासियों से इस भावना को और मजबूत करने की अपील की.
10 वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आएः पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने भारत की प्रगति का उल्लेख करते हुए बताया कि पिछले 10 वर्षों में 25 करोड़ लोगों ने गरीबी से बाहर निकलकर नया जीवन शुरू किया है. उन्होंने कहा, “यह इसलिए संभव हुआ क्योंकि गरीबों में यह भरोसा जगा कि गरीबी पर विजय पाई जा सकती है.” प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि भारत, जो 10 साल पहले 10वें स्थान की अर्थव्यवस्था थी, अब दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है.
उन्होंने कहा, “यह हमारी कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास का परिणाम है.” उन्होंने कहा कि,मुझे विश्वास है कि हम सबके सामूहिक प्रयास से हम, अपने देश को आगे बढ़ाएंगे. विकसित भारत हम सभी का लक्ष्य है और हमें इसे मिलकर पाना है. ये आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व है कि हम उन्हें एक उज्ज्वल भारत देकर जाएं. पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन का समापन करते हुए सभी को क्रिसमस की शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह त्योहार सभी को प्रेम, सहिष्णुता और सेवा का संदेश देता है.
