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जब अटल जी के भतीजे से मांगी गई ‘अटैची’, PMO से यूपी के CM के पास आया फैक्स, मंत्रियों की कुर्सी जाने का किस्सा

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आगरा:

मैं देश के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के भतीजा हूं। मगर फिर भी उनका काम करने के लिए मंत्री जी ने अटैची की पेशकश कर दी। मिन्नतें करने के बाद भी बिना पैसे के कोई काम नहीं करने का हवाला दिया। इसके बाद उन्होंने भी दिल्ली का नाम लेकर कहा कि अब तो अटैची आपको दिल्ली से ही मिलेगी। बस फिर क्या था। दिल्ली से मुख्यमंत्री के पास सीधे एक फैक्स आया और जिन मंत्रियों ने अटैची मांगी थी। उनकी मुख्यमंत्री ने अपने मंत्री मंडल से छुट्टी कर दी। साल था 1999… उत्तर प्रदेश में राम प्रकाश गुप्ता की सरकार थी और अटल बिहारी वाजपेयी देश के प्रधानमंत्री थे।

25 दिसंबर 1924 में आगरा के बटेश्वर में जन्मे पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी से जुड़े कई ऐसे किस्से हैं, जो उन्हें खास होने बावजूद भी आम बनाते हैं। अपने रिश्तेदारों और सगे संबंधियों को भी उनकी सख्त हिदायत थी कि वे अपने काबिलियत पर आगे बढ़े हैं। मेहनत करो और अच्छा मुकाम पाओ। वे किसी की सिफारिश नहीं करेंगे। बटेश्वर चौराहे पर चाय नाश्ते की दुकान चलाने वाले अटल बिहारी वाजपेयी के भतीजे अश्वनी वाजपेयी ने नवभारत टाइम्स ऑनलाइन को अपने चाचा का वो किस्सा बताया जिसे जानकार आप भी चौंक जाऐंगे।

साल 1978 से चला रहे हैं दुकान
भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के भतीजे अश्वनी वाजपेयी ने बताया कि वे उनके पिता झब्बूलाल वाजपेयी अटल बिहारी वाजपेयी से बड़े थे। उनके पिता ने साल 1978 में बटेश्वर चौराहा नाई धर्मशाला के पास मिठाई की दुकान खोली थी। जिसे वे अब भी चलाते हैं। साल 1983 में अटल बिहारी वाजपेयी भाई के नाती का मुंडन कराने के लिए बटेश्वर आए थे। तब साथ में खाना खाया और दुकान से मिठाई भी मंगवाकर खाई थी।

ट्रांसफर रुकवाने गए थे अश्वनी
अटल बिहारी वाजपेयी के भतीजे अश्वनी वाजपेयी ने बताया कि आगरा में पराग डेयरी थी। साल 1999 में पराग डेयरी में काम करने वाले जीएल दुबे का ट्रांसफर हो गया था। दुबे को पता था कि अश्वनी वाजपेयी के चाचा देश के प्रधानमंत्री हैं। इसलिए उन्होंने अपना ट्रांसफर रुकवाने के लिए उनसे संपर्क किया। बात मान सम्मान पर आ गई थी। इसलिए वे दुबे जी के साथ लखनऊ के दुग्ध मंत्री सुंदर सिंह बघेल के पास पहुंचे थे। मगर सुंदर सिंह बघेल ने उनसे काम के एवज में अटैची मांगी। उन्होंने बताया कि वे प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजेपई के भतीजे हैं, लेकिन फिर भी बिना पैसे के काम करने से इन्कार कर दिया था।

मंत्री की हो गई छुट्टी
अश्वनी वाजपेयी ने बताया कि जब उन्होंने मंत्रियों के बारे में अटल जी को जानकारी दी तो उन्होंने शिव कुमार से सीएम राम प्रकाश गुप्ता को फैक्स कराया और दुग्ध मंत्री सुंदर सिंह बघेल और शिवराम लोधी (खाद्य एवं रसद मंत्री) के आचरण की जानकारी दी। उनके घर आने से पहले ही दोनों मंत्रियों को मंत्रीमंडल से हटा दिया गया और जीएल दुबे पराग डेयरी के सुपरवाइजर का ट्रांसफर निरस्त हो गया था। उन्होंने बताया कि उनके भाई मुकेश वाजपेयी का साल 2006 में दिल्ली के एम्स में ब्रेन ट्यूमर का ऑपरेशन हुआ था। जब वे दिल्ली अटल जी से मिलने गए थे। तब 3 दिन तक चक्कर लगाने के बाद गेट पर उनसे मुलाकात हुई थी।

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