बांदा:
30 अप्रैल 2011 को तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने बांदा के राजकीय इंटर कॉलेज मैदान में एक ऐतिहासिक जनसभा को संबोधित किया था। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच यह दौरा बेहद अहम था। इस दौरान रैली के संयोजक और तत्कालीन विधायक कुमार विवेक सिंह ने बुंदेलखंड में सूखे और किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने प्रधानमंत्री को सूखे गेहूं की बालियां दिखाईं, जिससे डॉक्टर मनमोहन सिंह का दर्द छलक पड़ा।
बुंदेलखंड पैकेज और सरकार की लापरवाही
डॉ. मनमोहन सिंह ने अपने भाषण में बताया कि केंद्र सरकार ने दो साल पहले ही बुंदेलखंड की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए 7200 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज घोषित किया था। उन्होंने अफसोस जताया कि इस धन का सही उपयोग नहीं हुआ। उनका कहना था कि यदि पैकेज का सदुपयोग किया जाता, तो किसानों को कई समस्याओं से राहत मिल सकती थी।
कृषि और किसानों की दुर्दशा पर चिंता
विधायक विवेक सिंह ने रैली में बताया कि कभी बुंदेलखंड कपास और धान की खेती के लिए प्रसिद्ध था, लेकिन लगातार पांच साल के सूखे ने किसानों की कमर तोड़ दी। इस पर प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों की समस्याएं बेहद गंभीर हैं और उन्हें राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने हरसंभव प्रयास किए हैं।
किसानों के लिए संवेदनशील थे डॉ. मनमोहन सिंह
जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रदुम कुमार दुबे लालू ने बताया कि डॉ. मनमोहन सिंह ने हमेशा किसानों के दर्द को समझा। उनके कार्यकाल में किसानों का कर्ज माफ किया गया, जिससे वे खुशहाल जीवन जी सके। उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह का बुंदेलखंड के प्रति गहरा लगाव था, और उन्होंने बार-बार किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता दी।
