पंजाब। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोमवार को मोहाली के विकास भवन में आयोजित एक राज्य स्तरीय गरिमामयी समारोह के दौरान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के 523 नवनियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। इन नियुक्तियों में डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और लैब टेक्नीशियन शामिल हैं। इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) और पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से देश में एक परीक्षा भी पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से आयोजित नहीं हो पा रही है और अब प्रश्न पत्रों की सुरक्षा के लिए सेना के हेलिकॉप्टरों का सहारा लेना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि जहां देशभर में परीक्षाओं को लेकर विवाद हैं, वहीं पंजाब में युवाओं को बिना किसी सिफारिश या रिश्वत के, पूरी तरह मेरिट और पारदर्शिता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री मान ने अपनी सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए बताया कि पिछले चार वर्षों में रिकॉर्ड 67,563 युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं और हमारी किसी भी चयन प्रक्रिया पर अदालत में कोई सवाल नहीं उठा है। उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि राज्य में अब तक 990 ‘आम आदमी क्लीनिक’ शुरू किए जा चुके हैं, जिनमें 5.54 करोड़ से अधिक मरीज मुफ्त इलाज का लाभ उठा चुके हैं।
इन क्लीनिकों में रोजाना करीब 84 हजार मरीज पहुंच रहे हैं, जिन्हें 107 प्रकार की दवाइयां और 47 प्रकार के टेस्ट निशुल्क मिल रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि रोजगार के अभाव में जो युवा पहले विदेशों का रुख कर रहे थे, वे अब बेहतर शासन व्यवस्था के कारण वापस पंजाब लौट रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अपनी पारदर्शी नीतियों के दम पर वर्ष 2027 में दोबारा पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का मजबूत दावा भी किया।
