भोपाल। मप्र की डॉ. मोहन यादव सरकार आगामी मानसून सत्र में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक विधानसभा पटल पर लाने की पूरी तैयारी में है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस बात की पुष्टि करते हुए बड़ा बयान दिया है कि 20 जुलाई से शुरू हो रहे इसी मानसून सत्र में यूसीसी प्रस्ताव लाया जाएगा और बाबा महाकाल की इच्छा से इसे इसी सत्र में पारित भी करा लिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि इस साल दिवाली तक प्रदेश में इसे पूरी तरह लागू कर दिया जाए। भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने इस कदम का पुरजोर समर्थन करते हुए इसे देश की सुरक्षा के लिए जरूरी बताया और कहा कि इससे जनसंख्या नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
गौरतलब है कि राज्य में यूसीसी का मसौदा तैयार करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में 6-सदस्यीय हाई-लेवल कमेटी गठित की गई थी, जिसने 15 जून तक जनता और विभिन्न संगठनों से ऑनलाइन व ऑफलाइन सुझाव लेने के बाद अब ड्राफ्ट को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।
दूसरी ओर, सरकार के इस कदम पर विपक्षी दल कांग्रेस ने तीखे सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने मुख्यमंत्री के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि बाबा महाकाल की कृपा कभी भी ‘लिव-इन रिलेशनशिप’ जैसी व्यवस्थाओं के लिए नहीं हो सकती और समाज का कोई भी वर्ग इसे बढ़ावा देने का समर्थन नहीं करेगा।
विधायक मसूद ने बिल की वैधानिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब आप आदिवासी (ट्राइबल) समुदाय को इस कानून के दायरे से बाहर रख रहे हैं, तो फिर यह ‘समान’ नागरिक संहिता (कॉमन सिविल कोड) कैसे रह गया? उन्होंने मांग की कि सरकार को सभी पक्षों और समाजों की राय लेकर ही कोई कदम उठाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे को कांग्रेस विधायक दल की बैठक में प्रमुखता से रखा जाएगा और विपक्ष एकजुट होकर विधानसभा में अपनी रणनीति तय करेगा।
