12.5 C
London
Tuesday, May 5, 2026
Homeराज्यप्रशांत किशोर मामले में नया मोड़, कोर्ट से बिना शर्त मिली जमानत;...

प्रशांत किशोर मामले में नया मोड़, कोर्ट से बिना शर्त मिली जमानत; जेल जाने से पहले छूटे PK

Published on

पटनाः

बीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा को रद्द किए जाने की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर को अब कोर्ट ने बिना किसी शर्त के जमानत दे दी। जिसके बाद जेल जाने के पहले ही प्रशांत किशोर को रिहा कर दिया गया।

सुबह-सुबह में प्रशांत किशोर की हुई थी गिरफ्तारी
इससे पहले बीपीएससी परीक्षा को रद्द करने समेत पांच सूत्री मांगों को लेकर आमरण अनशन कर रहे जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर को आज पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। हालांकि प्रशांत किशोर को अदालत की ओर से सशर्त जमानत दे दी गई, लेकिन शर्त को मानने से इनकार करने के बाद प्रशांत किशोर को पटना बेउर जेल भेज दिया गया। पुलिस कार्रवाई को लेकर जेल जाने के पहले प्रशांत किशोर ने पूरी जानकारी दी।

पीके कहा कि वो पिछले पांच दिनों से बापू प्रतिमा निकट शांतिपूर्वक सत्याग्रह कर रहे थे। आज सुबह 4.00 बजे मैदान में पुलिस के कुछ साथी आए। उन्होंने ये कहा कि वो उन्हें यहां से उन सभी को हिरासत में ले रहे है, सभी लोग साथ चलिए।

एम्स अस्पताल प्रबंधन ने एडमिशन से किया मना
प्रशांत किशोर ने बताया कि साफ कहा कि किसी पुलिस कर्मी की ओर से उनके साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस से कोई लड़ाई नहीं है। लेकिन जब गांधी मैदान से वो लोग चले तो पुलिस वालों ने उन्हें ये नहीं बताया कि वो कहां ले जा रहे हैं। पहले पुलिस उन्हें पटना के एम्स लेकर पहुंची। करीब डेढ़ घंटे तक वो उन्हें वहां बैठा कर रखी। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन की ओर से एडमिशन करने से मना कर दिया गया। हालांकि उन्हें ये जानकारी नहीं है कि किन कारणों से उन्हें अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया।

6 घंटे तक एंबुलेंस में बैठाकर घूमती रही पुलिस
प्रशांत किशोर ने बताया कि जब एम्स में उनका मेडिकल चेकअप नहीं हुआ, तो पुलिस टीम उन्हें एम्स से निकाल कर दूसरी जगह ले जाने की कोशिश की। तब तक उनके कुछ समर्थक और युवा एम्स गेट तक आ गए थे, लेकिन पुलिस की टीम उन्हें अपने साथ लेकर निकल गई। इसके बाद सुबह पांच बजे से 11 बजे तक पुलिस एंबुलेंस में बैठाकर अलग-अलग जगह पर घूमती रही, लेकिन ने यह नहीं बताया कि उन्हें कहां ले जाया जा रहा है।

5 घंटे बाद फतुहा के सामुदायिक केंद्र में टेस्ट
प्रशांत किशोर ने बताया कि 5 घंटे के बाद फतुहा के सामुदायिक केंद्र में पुलिस वाले लेकर पहुंचे। वहां उन्होंने डॉक्टर को अपना कंसर्न देने से मना दिया। हालांकि पुलिस वालों की कोशिश रही कि अस्पताल के डॉक्टर सर्टिफिकेट दे दे। लेकिन अस्पताल के डॉक्टरों ने गैर कानूनी कोई भी सर्टिफिकेट देने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस पुलिस ने उनका एक वीडियो रिकॉर्डिंग कराया कि, जिसमें उनसे कहने को कहा गया कि वो परीक्षण नहीं करा रहे हैं।

भीड़ को कंट्रोल करने के लिए साथ लेकर घूमती रही पुलिस
इसके बाद भी करीब 2 घंटे तक अलग-अलग रास्ते में पुलिस टीम उन्हें साथ लेकर घूमती रही। पुलिस का तर्क था कि वो भीड़ को कंट्रोल करने के लिए ऐसा कर रहे हैं। बाद में उन्हें एसडीएम कोर्ट में लाया गया।

हक-अधिकार की बात करता गलत, तो जुर्म स्वीकार
एसडीओ कोर्ट की ओर से उन्हें सशर्त सशर्त जमानत की बात कही गयी, जिसमें यह बताया गया कि ऐसा कोई गलत काम नहीं करेंगे, लेकिन इस शर्त को उन्होंने मानने से इनकार कर दिया और जेल जाना स्वीकार किया। प्रशांत किशोर ने कहा कि उन्होंने जेल जाना इसलिए स्वीकार किया कि वो बिहार के लोगों के हक और अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं। अगर लोगों के हक-अधिकार के लिए आवाज उठाना गलत है, तो वो इस जुर्म को स्वीकार करते हैं और जेल जाने के लिए तैयार हैं।

जेल में भी आमरण अनशन जारी रहेगा
जेल जाने के पहले प्रशांत किशोर ने कहा कि उनका जो अनशन 5 दिन से चल रहा है, उसमें कोई परिवर्तन नहीं होगा। वो पिछले पांच दिन से सिर्फ पानी पर हैं और आगे भी जब तक सरकार इसका रास्ता नहीं निकालेगी, जेल में वो सिर्फ और सिर्फ पानी पर ही रहेंगे।

Latest articles

मप्र के कई जिलों में बारिश, डिंडौरी में ओले गिरे-टीन शेड उड़े, 39 जिलों में अलर्ट

भोपाल। मप्र में मंगलवार सुबह से धार, बड़वानी, झाबुआ सहित कई जिलों में बारिश...

चीन के हुनान में पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 21 की मौत, 61 लोग घायल

बीजिंग। मध्य चीन के हुनान प्रांत से एक बेहद दर्दनाक और खौफनाक खबर सामने...

बंगाल में नई सरकार का शपथग्रहण 9 मई को, सीएम चेहरे पर सस्पेंस बरकरार!

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के...

भारतीय राजनीति के कई पुराने किले ढहे, बंगाल में दीदी तो तमिलनाडु में स्टालिन हारे, शुभेंदु और विजय का चला जादू

नई दिल्ली। चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनावी नतीजे लगभग साफ...

More like this

विक्रमशिला सेतु का 34 मीटर हिस्सा गंगा नदी में गिरा, 16 जिलों का आवागमन प्रभावित

भागलपुर। बिहार के भागलपुर में स्थित 4.7 किलोमीटर लंबे विक्रमशिला सेतु का एक बड़ा...

सीसी रोड की खराब गुणवत्ता पर सख्त हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बेमेतरा जिले के नगर पंचायत दाढ़ी...

15 जून तक पूरे हों मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जल स्वावलंबन अभियान के कार्य, पौधारोपण की तैयारी के निर्देश

जयपुर। मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 एवं जल संचय जन भागीदारी 2.0 की समीक्षा...