प्रयागराज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रयागराज महाकुंभ में हुए दर्दनाक हादसे पर दुख जाहिर किया है। उन्होंने आज तड़के हुए हादसे पर संवेदना जाहिर करते हुए घायलों के स्वस्थ होने की कामना की है। पीएम मोदी लगातार उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के संपर्क में हैं। उन्होंने जरूरी निर्देश दिए हैं।
पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा- ‘प्रयागराज महाकुंभ में हुआ हादसा अत्यंत दुखद है। इसमें जिन श्रद्धालुओं ने अपने परिजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। इसके साथ ही मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’ उन्होंने आगे लिखा कि स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की हरसंभव मदद में जुटा हुआ है। इस सिलसिले में मैंने मुख्यमंत्री योगी जी से बातचीत की है। और मैं लगातार राज्य सरकार के संपर्क में हूं।
योगी बोले- प्रयागराज में हालात नियंत्रण में
सीएम योगी ने कहा कि अभी प्रयागराज में हालात नियंत्रण में है। फिर भी भीड़ का दबाव है। महामंडलेश्वर और आचार्यों से बात हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि पहले श्रद्धालु स्नान कर लें। आज सुबह 8:30 बजे तक 3 करोड़ स्नान कर चुके हैं। संगम नोज, अखाड़ा मार्ग, नागवासुकी मार्ग पर दबाव बना हुआ है। प्रशासन मुस्तैदी से लगा है। प्रदेश, देशवासियों और पूज्य संतों से अपील है कि अफवाह पर ध्यान न दें। ये आयोजन सभी लोगों का है। प्रशासन सेवा में पूरी तत्परता से लगा है। केंद्र और राज्य सरकार हर सहयोग में लगी है। कोई भी नकारात्मक अफवाह फैलाने का प्रयास करेगा, तो नुकसान होगा। 15 से 20 किमी तक अस्थायी घाट बनाए हैं, वहां स्नान करें। बुजुर्ग, बच्चों और श्वास के रोगियों को नजदीकी घाट पर स्नान करना चाहिए। सब गंगाजी के घाट है। मौनी अमावस्या में स्नान का महत्व है। सभी सहयोग करेंगे, तो सकुशल श्रद्धालुजन स्नान कर सकें। फिर पूज्य संतों से आग्रह करेंगे कि वो भी स्नान करें।
महाकुंभ को तत्काल सेना को सौंप देना चाहिए- अखिलेश यादव
महाकुंभ में आए संत समाज और श्रद्धालुओं में व्यवस्था के प्रति पुनर्विश्वास जगाने के लिए ये आवश्यक है कि उप्र शासन-प्रशासन के स्थान पर महाकुंभ का प्रशासन और प्रबंधन तत्काल सेना को सौंप देना चाहिए। ‘विश्वस्तरीय व्यवस्था’ करने के प्रचार करते हुए दावों की सच्चाई अब जब सबके सामने आ गयी है, तो जो लोग इसका दावा और मिथ्या प्रचार कर रहे थे, उन्हें इस हादसे में हत हुए लोगों की नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए अपना पद त्याग देना चाहिए।
