18 C
London
Saturday, April 25, 2026
Homeराज्यराजस्थान में 26 करोड़ की साइबर ठगी के आरोप में 5 लोग...

राजस्थान में 26 करोड़ की साइबर ठगी के आरोप में 5 लोग गिरफ्तार, ऐसे बनाते थे शिकार

Published on

हनुमानगढ़ ,

राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में फर्जी फर्मों के नाम पर फर्जी बैंक खाते खोलकर करोड़ों रुपए की साइबर धोखाधड़ी करने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है. आरोपियों के पास से 60 पासबुक, कई बैंकों की चेक बुक, 32 एटीएम, डेबिट कार्ड और 11 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं. पुलिस इस मामले की जांच के साथ ही आरोपियों से पूछताछ कर रही है.

हनुमानगढ़ जिले के पुलिस अधीक्षक अरशद अली ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान आकाशदीप, आदित्य वाल्मीकि, जाकिर हुसैन, कैलाश खीचड़ और निधि बिश्नोई के रूप में हुई है. इन्होंने फर्जी खातों के जरिए 26 करोड़ का लेनदेन किया है. केंद्र सरकार के एनसीआरपी पोर्टल पर 60 बैंक खातों के खिलाफ 16 राज्यों से साइबर ठगी की 66 शिकायतें दर्ज हैं.

पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि फर्जी ट्रेडिंग ऐप और टेलीग्राम के जरिए लोगों से संपर्क कर उन्हें शेयर बाजार में निवेश करने, अवैध गेमिंग में शामिल होने और क्रिप्टोकरेंसी धोखाधड़ी में शामिल होने का लालच देकर पैसे ट्रांसफर कराए गए थे. उनके साथ कुछ बैंककर्मी भी मिले हुए हैं. इस मामले में साइबर पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कर लिया गया है.

बताते चलें कि इसी महीने जयपुर में 30 करोड़ रुपए की साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया था. इस मामले में पुलिस ने 10 स्थानों पर छापेमारी के दौरान 30 लोगों को गिरफ्तार किया था. इसमें दो नाबालिग भी शामिल थे. पुलिस ने धोखाधड़ी से जुड़े 130 बैंक खातों में लेन-देन फ्रीज कर दिया. एक गुप्त सूचना के आधार पर जयपुर पुलिस ने छापेमारी की योजना बनाई.

पुलिस आयुक्त बीजू जॉर्ज जोसेफ ने बताया था कि डिजिटल धोखाधड़ी की गतिविधियों के बारे में लगातार सूचना मिल रही थी. इसके बाद एक संयुक्त टीम का गठन किया गया. इस टीम ने जयपुर के बिंदायका, कलवार और हरमाड़ा इलाकों में छापेमारी की. यहां से कंप्यूटर मॉनिटर, सीपीयू, लैपटॉप, एटीएम कार्ड, चेक बुक, पासबुक और अन्य सामान जब्त किए गए थे.

बताते चलें कि राजस्थान के कई जिलों में साइबर ठग बहुत ज्यादा सक्रिय हैं. ये ठग राजस्थान के साथ देश के दूसरे राज्यों में रहने वाले लोगों के साथ ठगी करते हैं. इस मामले में अलवर सबसे ज्यादा बदनाम है. पिछले साल यहां कई बड़े साइबर फ्रॉड के गैंग का पर्दाफाश किया गया था. अलवर जिले में छत्तीसगढ़ पुलिस की एंटी क्राइम यूनिट ने कई ठगों को गिरफ्तार किया था.

इन आरोपियों ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी देकर रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी से 54 लाख 30 हजार रुपए की ठगी कर ली थी. छत्तीसगढ़ पुलिस ने अलवर पुलिस की मदद से आरोपियों को पकड़ा था. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के रहने वाले रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी जय सिंह चंदेल से साइबर ठगों ने संपर्क किया और मनी लॉन्ड्रिंग में फंसाने का डर दिखाया था.

Latest articles

मंत्री प्रहलाद पटेल का भेल हेवु भारतीय मजदूर संघ ने किया सम्मान

भोपाल। मध्यप्रदेश श्रम एव पंचायत ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल का भेल हेवु भारतीय...

पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव मजबूत कर रही सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर। राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर रायपुर के डीडीयू ऑडिटोरियम में आयोजित...

समन्वय और टीम वर्क से सुलझाएं जनता की समस्याएं, अंतिम छोर तक पहुंचाएं लाभ : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 'लोक सेवा दिवस' के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय...

More like this

पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव मजबूत कर रही सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर। राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर रायपुर के डीडीयू ऑडिटोरियम में आयोजित...

समन्वय और टीम वर्क से सुलझाएं जनता की समस्याएं, अंतिम छोर तक पहुंचाएं लाभ : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 'लोक सेवा दिवस' के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय...