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Saturday, April 25, 2026
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राजस्थान में बार लाइसेंस लेना हुआ आसान, सरकार की नई आबकारी नीति से होगी बल्ले-बल्ले

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जयपुर

प्रदेश की भजनलाल सरकार ने विधानसभा सत्र प्रारम्भ होने से ठीक एक दिन पहले नई आबकारी नीति जारी की है। पहली बार आबकारी नीति को चार साल के लिए जारी किया गया है। इस नई नीति में प्रदेश का राजस्व बढ़ाने के लिए कई नए प्रावधान किए हैं। अब तक 20 कमरों वाले होटल में बार खोले जाने के लाइसेंस जारी किए जाते थे लेकिन अब 20 कमरों की शर्त को घटाकर 10 कमरों तक सिमित कर दिया गया है। प्राय ऐसा देखा जाता है कि कम संख्या के कमरों वाले होटल्स में अवैध रूप से बार का संचालन कर दिया जाता है। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान होता है। राजस्व बढ़ाने के लिए सरकार ने 10 कमरों के होटल्स को भी बार लाइसेंस जारी करने की छूट दे दी है।

अब एयरपोर्ट और स्विस टेंट के लिए भी जारी होंगे बार लाइसेंस
अब तक राजस्थान के किसी भी एयरपोर्ट पर बार खोलने की अनुमति नहीं थी। नई नीति में एयरपोर्ट पर भी बार खोलने का प्रावधान किया गया है। इसके पीछे यह तर्क दिया गया है कि देश के अन्य राज्यों में एयरपोर्ट पर बार संचालन का प्रावधान है। ऐसे में पर्यटकों की सुविधाओं को देखते हुए राजस्थान के एयरपोर्ट पर भी बार संचालन की अनुमति दी गई है। साथ ही पर्यटकों के ठहरने के लिए बनाए जाने वाले अस्थायी आवास यानी स्विस टेंट के लिए भी बार लाइसेंस जारी किए जा सकेंगे। राजस्थान के जैसलमेर, माउंट आबू, रणकपुर, जवाई बांध, सवाई माधोपुर, कुंभलगढ़ और पुष्कर जैसे शहरों में पर्यटकों के ठहरने के लिए अस्थायी आवास बनाए जाते हैं। इन अस्थायी आवास यानी स्विस टेंट के लिए भी बार लाइसेंस जारी किए जा सकेंगे।

गारंटी राशि हर वर्ष 10 फीसदी बढ़ेगी
नई आबकारी नीति आगामी चार साल तक लागू रहेगी। शराब की दुकानदारों को हर वर्ष लाइसेंस का नवीनीकरण कराना होगा। जो निर्धारित गारंटी राशि लाइसेंसधारियों द्वारा जमा कराई जाती है। नवीनीकरण के दौरान उन्हें गारंटी राशि को दस फीसदी बढ़ा दिया गया है। यानी हर वर्ष गारंटी राशि दस प्रतिशत बढ़ती जाएगी। दुकानों की संख्या पूर्व की भांति 7665 ही रखी गई है। इस बार राज्य सरकार ने बड़े ठेकेदारों के बजाय छोटे व्यापारियों को ज्यादा फायदा पहुंचाने का प्रयास किया गया है। बार संचालन के लिए कमरों की संख्या 20 से घटाकर 10 करने से हजारों छोटे कारोबारियों का रोजगार बढ़ाएगी।

होटल बार संख्या में कई गुणा बढ़ोतरी की संभावना
राज्य में वर्तमान में होटल बार की संख्या 1477 है। अब 20 कमरों की शर्त में शिथिलता देकर 10 कमरे किए जाने पर होटल बार की संख्या में भारी बढ़ोतरी होने की संभावना है। अब 10 कमरों तक वाले छोटे-छोटे होटल संचालक भी बार के लाइसेंस के लिए अप्लाई कर सकते हैं। बड़ी संख्या में नए होटल भी खोले जाने की संभावना है। होटल बार और रेस्ट्रो बार की संख्या बढ़ने से प्रदेश में शराब की बिक्री में काफी बढ़ोतरी होना तय है। ऐसे में राज्य सरकार का राजस्व भी बढ़ने की उम्मीद है।

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