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Saturday, April 25, 2026
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सीएम हेमंत की भाभी सीता सोरेन का BJP में नहीं लग रहा दिल, क्यों शुरू हुई JMM में वापसी की चर्चा!

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रांची

झारखंड की राजनीति में फिर हलचल है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भाभी सीता सोरेन भाजपा छोड़कर वापस झामुमो में शामिल हो सकती हैं। सीता सोरेन की जेएमएम में वापसी को लेकर पार्टी प्रमुख शिबू सोरेन के आशीर्वाद का इंतजार किया जा रहा है।

शिबू सोरेन से मुलाकात के बाद घर वापसी की संभावना बढ़ी
जामा की विधायक रहीं सीता सोरेन पिछले साल लोकसभा चुनाव के वक्त जेएमएम की सदस्यता से त्यागपत्र देकर भाजपा में शामिल हो गईं थीं। इसके बाद लोकसभा चुनाव में सीता सोरेन ने बीजेपी टिकट पर दुमका सीट से मैदान में उतरीं। जबकि विधानसभा चुनाव में जामताड़ा सीट से मैदान में थीं। लेकिन दोनों ही चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन के जन्मदिन पर सीता सोरेन अपनी बेटियों के साथ मुलाकात करने पहुंची थीं। इस मुलाकात के बाद मुलाकात के उनकी घर वापसी की संभावना बढ़ गई है।

चर्चा करने वाले को चर्चा करने दीजिए-सीता सोरेन
फिलहाल सीता सोरेन ने जेएमएम में वापसी या बीजेपी में बने रहने के सवाल पर चुप्पी साध रखी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सीता सोरेन ने कहा कि 1 फरवरी को दुमका पहुंच रही हैं। हालांकि वो सरस्वती पूजा से जुड़े कार्यक्रम को लेकर दुमका जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अभी वो बीजेपी में हैं, समय सब कुछ बताता है। चर्चा करने वाले को चर्चा करने दीजिए, सबकुछ समय पर छोड़ते हैं। आना-जाना लगा रहता है। परिस्थिति सब काम करवाती है।

बसंत सोरेन बोले- ये चर्चा मेरे कानों तक नहीं पहुंची
उधर, दुमका के जेएमएम विधायक और सीता सोरेन के देवर बसंत सोरेन ने कह- ‘ये चर्चा आपके कानों तक है, मेरे कानों तक नहीं पहुंची है अभी।’ उन्होंने स्थापना दिवस कार्यक्रम को लेकर कहा कि कार्यकर्ताओं में काफी जोश और उमंग है। पिछले साल कार्यकारी अध्यक्ष नहीं थे। इसकी वजह से पिछले साल ढंग से स्थापना दिवस नहीं मना पाए थे, लेकिन इस बार काफी उत्साहित हैं।

हेमंत के जेल जाने के बाद सीता सोरेन बीजेपी में हुईं शामिल
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि हेमंत सोरेन भी अपनी भाभी की घर वापसी के इच्छुक हैं। हालांकि हेमंत सोरेन जेल में थे, उसी दौरान सीता सोरेन ने भाजपा का दामन थामा था। तब से ही कयास लगाए जा रहे थे कि हेमंत सोरेन के रिहा होने के बाद सब कुछ ठीक हो जाएगा। अब लगता है कि वह समय आ गया है। सूत्रों के अनुसार, सीता सोरेन अपने राजनीतिक सलाहकार और बेटी के साथ इस बारे में विचार-विमर्श कर रही हैं। जल्द ही वे खुद इस बारे में आधिकारिक घोषणा कर सकती हैं।

सीता सोरेन के त्यागपत्र से जेएमएम को लगा था बड़ा झटका
सीता सोरेन के भाजपा में शामिल होने के बाद राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा हुई थी। उनके झामुमो छोड़ने को पार्टी के लिए एक बड़ा झटका माना गया था। लेकिन अब उनकी वापसी झामुमो के लिए एक नई ऊर्जा का संचार करेगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में झारखंड की राजनीति किस रूप लेती है। क्या सीता सोरेन को पार्टी में कोई महत्वपूर्ण पद दिया जाएगा? क्या यह घर वापसी झामुमो को आने वाले चुनावों में फायदा पहुंचाएगी? इन सभी सवालों के जवाब समय के साथ ही मिलेंगे। लेकिन फिलहाल, झारखंड की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होने वाला है।

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