8.2 C
London
Wednesday, March 25, 2026
Homeराष्ट्रीयभारत में हर रोज 462 मौतें, उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा...

भारत में हर रोज 462 मौतें, उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 22,595 मौतें, तमिलनाडु में सबसे ज्यादा एक्सीडेंट

Published on

चेन्नै/नई दिल्ली

देश में सड़क हादसे लगातार बढ़ रहे हैं। साल 2022 में रोजाना 462 लोगों की मौत हुई और 1264 हादसे हुए। यह जानकारी सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की रिपोर्ट में सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, 25 से 35 साल के लोगों की मौत सबसे ज़्यादा हुई। तमिलनाडु में सबसे ज़्यादा हादसे (64,105) हुए, जबकि उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा मौतें (22,595) हुईं। रिपोर्ट में तेज रफ्तार, लापरवाही, नशे में गाड़ी चलाना और ट्रैफिक नियमों का पालन न करना जैसे कारणों पर जोर दिया गया है।

2022 में बीते साल के मुकाबले ज्यादा हादसे
साल 2022 में भारत में सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की कुल संख्या 1.68 लाख रही। इनमें से 42,671 लोग 25 से 35 साल के थे। यह एक चिंताजनक आंकड़ा है, जो दर्शाता है कि युवा पीढ़ी सड़क हादसों का सबसे ज़्यादा शिकार हो रही है। रिपोर्ट में बताया गया है कि 2021 के मुकाबले 2022 में सड़क हादसों में 12% और मौतों में 9% की बढ़ोतरी हुई है। 2022 में कुल 4.61 लाख हादसे हुए, जबकि 2021 में यह संख्या 4.12 लाख थी।

तमिलनाडु में सबसे ज़्यादा हादसे
तमिलनाडु में सबसे ज्यादा 64,105 सड़क हादसे हुए। मध्य प्रदेश में 54,432, केरल में 43,910 और उत्तर प्रदेश में 41,746 हादसे दर्ज किए गए। उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 22,595 मौतें हुईं। इसके बाद तमिलनाडु में 17,884, महाराष्ट्र में 15,224 और मध्य प्रदेश में 13,427 मौतें हुईं। इन आंकड़ों से पता चलता है कि सड़क सुरक्षा के मामले में इन राज्यों को और ज़्यादा ध्यान देने की जरूरत है।

नाबालिग की मौतों की संख्या बढ़ी
18 साल से कम उम्र के बच्चों की मौतों में भी बढ़ोतरी देखी गई है। 2021 में जहां 7,764 बच्चों की मौत हुई थी, वहीं 2022 में यह संख्या बढ़कर 9,528 हो गई। इसी तरह, 60 साल और उससे ज़्यादा उम्र के लोगों की मौतों में भी इज़ाफ़ा हुआ है। 2021 में 11,739 बुजुर्गों की मौत हुई थी, जबकि 2022 में यह संख्या 13,636 हो गई। साल 2018 में भारत में सबसे ज़्यादा 4,70,403 सड़क हादसे हुए थे। 2019 में यह संख्या घटकर 4,56,959 और 2020 में 3,72,181 हो गई। लेकिन 2021 में फिर से बढ़कर 4,12,432 और 2022 में 4,61,312 हो गई। लक्षद्वीप में सबसे कम हादसे (3) और मौतें (2) दर्ज की गईं।

रिपोर्ट में गौर करने वाली बात क्या?
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की 2023 की रिपोर्ट में हादसों के कारणों पर गौर करने की बात कही गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि तेज रफ्तार, लापरवाही से गाड़ी चलाना, नशे में गाड़ी चलाना और ट्रैफिक नियमों का पालन न करना जैसे कारणों पर ध्यान देना जरूरी है। रिपोर्ट में आगे सुझाव दिया गया है कि हमें ट्रैफिक नियमों को सख्ती से लागू करना होगा, ड्राइवरों को शिक्षित और प्रशिक्षित करना होगा और सड़कों और गाड़ियों की हालत सुधारने पर निवेश करना होगा।

Latest articles

कलेक्टर ने की जनसुनवाई में 150 आवेदनों पर सुनवाई, कई समस्याओं का मौके पर निराकरण

भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देशन में आयोजित जनसुनवाई में मंगलवार को जिलेभर से...

ऋण जमा करने की तिथि बढ़ाएं सरकार, वरना होगा उग्र आंदोलन: किसान कांग्रेस का अल्टीमेटम

भोपाल किसान कांग्रेस भोपाल ग्रामीण ने किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा...

जनता की सेवा और क्षेत्र का विकास ही हमारा मूलमंत्र — राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर

भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण (स्वतंत्र प्रभार) राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने मंगलवार को...

More like this