18.1 C
London
Wednesday, June 3, 2026
Homeराजनीतिइलाहाबाद HC के जस्टिस के खिलाफ महाभियोग की मांग पर क्या होगा?...

इलाहाबाद HC के जस्टिस के खिलाफ महाभियोग की मांग पर क्या होगा? उपराष्ट्रपति धनखड़ ने साफ कर दी पूरी स्थिति

Published on

नई दिल्ली

इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस शेखर कुमार यादव के खिलाफ राज्यसभा में महाभियोग प्रस्ताव लाने के लिए नोटिस दिया गया था। यह नोटिस करीब दो महीने पहले संसद के पिछले सत्र के दौरान कई सांसदों की तरफ से राज्यसभा के सभापति को भेजा गया था। गुरुवार को राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने इस मामले पर वक्तव्य देते हुए कहा कि माननीय सदस्यगण, मुझे 13 दिसंबर 2024 को प्राप्त एक अदिनांकित नोटिस प्राप्त हुआ है। इसमें राज्यसभा के 55 माननीय सदस्यों के हस्ताक्षर हैं।

नोटिस में क्या है?
नोटिस में संविधान के अनुच्छेद 124(4) के तहत इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस शेखर यादव को पद से हटाने की मांग की गई है। उल्लेखित विषय पर संवैधानिक अधिकार क्षेत्र विशेष रूप से राज्यसभा के अध्यक्ष के पास है और किसी परिस्थिति में संसद और माननीय राष्ट्रपति के पास होगा। उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी एवं प्राप्त निविष्टियों को ध्यान में रखते हुए, यह उचित होगा कि राज्यसभा के महासचिव इस सूचना को सुप्रीम कोर्ट के महासचिव के साथ साझा करें।

राज्यसभा के सभापति द्वारा यह टिप्पणी किए जाने के बाद इन सांसदों की नजर इस बात पर रहेगी कि कोर्ट और राज्यसभा उनकी मांग पर अब आगे क्या कदम उठाती है। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस शेखर यादव के खिलाफ यह नोटिस दिया था। यह नोटिस जस्टिस शेखर कुमार यादव के खिलाफ राज्यसभा में महाभियोग प्रस्ताव लाने के लिए दिया गया है।

कांग्रेस सांसद ने उठाया मुद्दा
प्रस्ताव पर राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल समेत 55 सांसदों के हस्ताक्षर हैं। इनमें सांसद विवेक तन्खा, दिग्विजय सिंह, पी. विल्सन, जॉन ब्रिटास और केटीएस तुलसी आदि शामिल हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज द्वारा दिए गए कथित विवादित बयान का मुद्दा बीते सत्र में राज्यसभा में उठाया गया था कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज द्वारा दिए गए वक्तव्य पर नियम 267 के तहत चर्चा की मांग की थी। हालांकि, तब सभापति ने इस विषय पर चर्चा की अनुमति नहीं दी थी।

विहिप के कार्यक्रम में दिया था बयान
उन्होंने कहा था कि नियम 267 के तहत इस पर चर्चा नहीं हो सकती। सभापति का कहना था कि इस संदर्भ में नियम बहुत स्पष्ट हैं, जो कि हम ही लोगों द्वारा बनाया गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जस्टिस शेखर कुमार यादव ने बीते वर्ष प्रयागराज में आयोजित विश्व हिंदू परिषद की लीगल सेल के एक कार्यक्रम में कथित विवादित बयान दिया था। कांग्रेस समेत राज्यसभा में विपक्ष के कई सांसद इसी बयान पर विरोध दर्ज कराते हुए सदन में इसकी चर्चा करना चाहते थे। लेकिन, उन्हें इसकी अनुमति नहीं मिली थी।

Latest articles

बीएचईई थ्रिफ्ट सोसायटी के पहले अध्यक्ष गुप्ता का निधन

बीएचईई थ्रिफ्ट सोसायटी के प्रथम अध्यक्ष वृत्तपाल गुप्ता के निधन पर गहरा शोक भोपाल। बीएचईई...

ग्रामीणों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, बांटे योजनाओं के लाभ

रायपुर। प्रदेशव्यापी 'सुशासन तिहार' के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मंगलवार को बीजापुर जिले के...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की केंद्रीय मंत्रियों से शिष्टाचार भेंट, ऊर्जा और युवा विकास पर हुई अहम चर्चा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से शिष्टाचार...

पंजाब सरकार का बड़ा फैसला: 26 साल पुरानी किसान क्रेडिट कार्ड पॉलिसी बदली, फसलों पर लोन लिमिट में भारी बढ़ोतरी

चंडीगढ़। पंजाब की भगवंत मान सरकार ने किसानों को बड़ा आर्थिक संबल देते हुए...

More like this

एक जिला एक उत्पाद’ नीति से राजस्थान के स्थानीय उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने...

1 अप्रैल से भोपाल में प्रॉपर्टी खरीदना होगा महंगा, 740 लोकेशन पर बढ़ेगी कलेक्टर गाइड लाइन

भोपाल राजधानी भोपाल में 1 अप्रैल से प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो जाएगा। जिले की कुल...

इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी को बचाने के लिए कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन: पट्टा धारियों के घर तोड़ने की कार्रवाई का विरोध

भोपाल राजधानी के वार्ड 66 स्थित इंद्रपुरी लेबर कॉलोनी के निवासियों के आशियानों पर मंडरा...