नई दिल्ली,
प्रयागराज महाकुंभ जैसे-जैसे समाप्ती की ओर बढ़ रहा है, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ आस्था की डुबकी लगाने के लिए संगम तट पर पहुंच रही है. इस बीच नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भी भारी भीड़ जमा हो गई और भगदड़ जैसे हालात पैदा हो गए. बताया जा रहा है कि दो ट्रेनें देरी से चल रही हैं और यही वजह है कि लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है. भगदड़ जैसे हालात के बीच दम घुटने की वजह से 15 से ज्यादा लोगों की तबीयत बिगड़ गई जिनमे से चार महिला श्रद्धालु की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है.
इस बीच रेलवे ने स्टेशन पर किसी भी तरह की भगदड़ होने से इनकार किया है। स्टेशन पर भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। रेलवे के अधिकारियों के अनुसार भीड़ को नियंत्रित किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि, अतिरिक्त ट्रेनें चलाने के बावजूद स्टेशनों पर भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है. प्रयागराज को जाने वाली दो ट्रेनें देरी से चल रही हैं, और यही वजह है कि दिल्ली रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं की भीड़ जमा हो गई. भीड़ को कम करने के लिए दो अतिरिक्त ट्रेनें भी चलाई गई हैं. भीड़ को काबू करने के लिए सुरक्षाकर्मियों को भी तैनात किया गया है. दिल्ली पुलिस और रेलवे पुलिस की टीम स्टेशन पर तैनात हैं.
कुंभ स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं
रेलवे की ओर से पहले ही दो कुंभ स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद स्टेशन पर जबरदस्त भीड़ उमड़ पड़ी. रेलवे अब इस बात की जांच कर रहा है कि इतनी बड़ी संख्या में लोग बिना टिकट कैसे स्टेशन तक पहुंचे. घटना के प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि प्लेटफॉर्म पर अचानक बहुत ज्यादा भीड़ हो गई, लोग एक-दूसरे को धक्का देने लगे और फिर भगदड़ मच गई. कई यात्री गिर पड़े और कुछ बेहोश हो गए.
यात्रियों के लिए अलर्ट!
अगर आप भी महाकुंभ के लिए यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो रेलवे की सलाह है कि ट्रेन का कन्फर्म टिकट लेकर ही स्टेशन पहुंचे. भीड़भाड़ वाले इलाकों में सावधानी बरतें. रेलवे द्वारा जारी यात्रा दिशानिर्देशों का पालन करें. फिलहाल राहत की बात यह है कि स्थिति नियंत्रण में आ चुकी है, लेकिन इस घटना ने रेलवे की तैयारियों पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं.
51 करोड़ से ज्यादा लोगों ने लगाई डुबकी
प्रयागराज महाकुंभ में ताजा अपडेट के मुताबिक, 51.47 करोड़ से ज्यादा लोगों ने डुबकी लगाई है. 15 फरवरी को ही यहां 1.36 करोड़ लोग पहुंचे, और इनमें शून्य कल्पवासियों ने आज स्नान किया. इस बीच शाम को कुंभ मेला के सेक्टर 18-19 के बीच फिर से आग की घटना सामने आई.
भीड़ को काबू करने के लिए मेला प्रशासन के इंतजाम
आमतौर पर शनिवार और रविवार को भारी संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचते हैं. ऐसे में स्थानीय मेला प्रशासन ने कुछ सुरक्षा कदम भी उठाए हैं. भीड़ को देखते हुए एक बार फिर महाकुंभ को नो व्हीकल जोन घोषित कर दिया गया है. इसके बाद अब महाकुंभ में वाहनों की एंट्री पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा. अब मेले के अंदर इमरजेंसी वाहन ही प्रवेश कर सकेंगे. मेला अधिकारी के मुताबिक, 15 फरवरी शनिवार और 16 फरवरी रविवार को सभी तरह के वाहनों के प्रवेश को महाकुंभ नगर में रोक दिया गया है
