नई दिल्ली
दुनिया के तमाम बड़े देश आज अलग-अलग तरह की चुनौतियों से घिरे हुए हैं। उस समय मोदी सरकार के वरिष्ठ मंत्री ने कुछ ऐसा कहा है जो दिखता है कि भारत की बुनियाद किस हद तक मजबूत है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 10 साल तक चलने के लिए काफी है। उन्होंने यह भी बताया कि देश का CAD यानी करंट अकाउंट डेफिसिट GDP का सिर्फ 1% है। एक कार्यक्रम में पीयूष गोयल ने यह बात कही।
पीयूष गोयल ने बताया कि विदेश में काम करने वाले भारतीय 130 अरब डॉलर वापस घर भेज रहे हैं। गोयल ने कहा, ‘130 अरब डॉलर का रेमिटेंस भारत आ रहा है।’ रेमिटेंस वह पैसा होता है जो विदेश में काम करने वाले भारतीय अपने देश भेजते हैं।
गोयल ने आगे कहा, ‘अर्थव्यवस्था, विनिर्माण, निवेश… इन्फ्रा और खपत आधारित विकास की कहानियां भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रही हैं। हमारे पास मजबूत मैक्रो-इकोनॉमिक फंडामेंटल हैं। कई लोग हमारे विदेशी मुद्रा भंडार को देखते हैं। यह दुनिया का चौथा सबसे बड़ा भंडार है। CAD GDP का मुश्किल से 1% है… इस संदर्भ में हमारा विदेशी मुद्रा भंडार 10 साल तक चलेगा। भारत की कहानी अस्थिर दुनिया में स्थिरता, निरंतरता और पूर्वानुमानिता की है।’
CAD क्या है होता है?
चालू खाता घाटा यानी CAD किसी देश के व्यापार और वित्तीय लेनदेन का पैमाना है। यह घाआ तब होता है जब किसी देश का आयात उसके निर्यात से अधिक होता है। सीएडी देश की आर्थिक स्थिति का एक महत्वपूर्ण संकेतक है। जब सीएडी सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी के अनुपात में कम होता है तो यह कई सकारात्मक संकेत दिखाता है। यह स्थिति देश की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी मानी जाती है।
कितना है भारत का विदेशी मुद्रा भंडार?
7 फरवरी को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 7.6 अरब डॉलर बढ़ा था। इस बढ़ोतरी के साथ यह 638.261 अरब डॉलर पहुंच गया। इससे पहले 27 सितंबर 2024 को समाप्त सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार 704.885 अरब डॉलर के रिकॉर्ड ऊंचे स्तर पर था।
