नई दिल्ली
बीजेपी के विधायक और दिल्ली विधानसभा में पूर्व नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने शुक्रवार को कहा कि अरविंदर सिंह लवली सदन में ‘प्रोटेम स्पीकर’ की भूमिका निभाएंगे। ‘प्रोटेम स्पीकर’ अस्थायी विधानसभा अध्यक्ष होते हैं, जो पूर्णकालिक अध्यक्ष के चुनाव तक सीमित समय के लिए सदन की कार्यवाही का संचालन करते हैं।
गुप्ता ने कहा, ‘दिल्ली की जनता के जोश और जुनून के अनुरूप कदम दर कदम आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री के साथ बैठक हुई है, जिसमें आगे की कार्यवाही कैसे आगे बढ़ेगी इस पर कुछ चर्चा हुई है।’ ‘प्रोटेम स्पीकर’ के सवाल पर गुप्ता ने कहा कि सदन की कार्यसूची शाम तक जारी कर दी जाएगी और यह भूमिका लवली अदा करेंगे। बीजेपी ने गुरुवार को 26 साल से अधिक समय के बाद दिल्ली में सरकार बनाई। रेखा गुप्ता ने नई मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। रामलीला मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में 6 मंत्रियों ने भी शपथ ली। विजेंद्र गुप्ता के दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष बनने की संभावना है।
क्या है प्रोटेम स्पीकर का काम?
राष्ट्रपति/राज्यपाल नवनिर्वाचित सदन की बैठकों की अध्यक्षता करने के लिए प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति करते हैं। आमतौर पर सदन के सबसे वरिष्ठ सदस्य को प्रोटेम स्पीकर बनाया जाता है। प्रोटेम स्पीकर लोकसभा या विधानसभा की पहली बैठक की अध्यक्षता करता है और नवनिर्वाचित सांसदों या विधायकों को पद की शपथ दिलाता है। इसके अलावा वह विधानसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव कार्यक्रम का भी संचालन करता है। नए अध्यक्ष के चुनाव के बाद प्रोटेम स्पीकर का पद समाप्त हो जाता है।
