भरतपुर
राजस्थान के भरतपुर में सरकारी सिस्टम के खिलाफ विधवा महिला का भावुक प्रदर्शन देखने को मिला। इसको देखकर सड़क से गुजर रहा हर कोई हैरान रह गए। पेंशन के लिए काफी समय से भटक रही महिला का सब्र जवाब दे गया और वह कलेक्ट्रेट परिसर के मुख्य द्वार के सामने सड़क पर बैठ गई। इस दौरान महिला ने चूड़ियां और पायल आदि सड़क पर बिखेर दी और फफक-फफक रोने लगी। पीड़िता का कहना था कि उसके पति की सड़क हादसे में मौत हो गई, लेकिन अभी तक उसे सरकार की कोई योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वह सरकारी कार्यालय में चक्कर लगाकर थक चुकी है।
कलेक्टर कार्यालय में पायल और चूड़ियां रखकर रो पड़ी महिला
भरतपुर के कलेक्ट्रेट में यह हैरान कर देने वाला नजारा देखने को मिला। इस दौरान पीड़ित महिला बबीता, जो भरतपुर के सूरजपुर गेट इलाके में रहती है। उसने बताया कि उसके पति की एक साल पहले सड़क हादसे में मौत होगी। इसके बाद वह मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पाल रही है। सरकार की तरफ से पेंशन पाने के लिए वह सरकारी दफ्तरों में चक्कर लगाकर अब थक चुकी है। उसने यहां तक कह दिया कि ‘अब मैं क्या करूं, क्या मर जाऊं‘ उसे न तो विधवा पेंशन का लाभ मिल रहा है, ना उसके बच्चों को पालनहार योजना का। इस दौरान अपनी इस पीड़ा को लेकर महिला बबीता ने सड़क पर अपनी चूड़ियां और पायल बिखेर दी और फफक-फफक कर रोने लगी।
तीन बच्चों को पालने में हो रही है दिक्कतें
पीड़ित महिला बबीता ने बताया कि 1 साल पहले उसके पति की सड़क हादसे में मौत हो गई। इसके बाद उसके सिर पर दुखों का पहाड़ टूट चुका है, उसके तीन बच्चे हैं, लेकिन उसे सरकार की किसी भी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। उसके ससुराल के लोग भी उसे परेशान करते हैं। इधर, इस मामले को लेकर आसपास के लोग महिला को भरतपुर एसडीएम के पास पहुंचे, जहां एसडीएम ने उसकी पीड़ा सुनी और उसे हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया।
