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Monday, May 11, 2026
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जिस टीम ने बदली साबरमती की तस्वीर, उसी की सलाह पर तैयार हुआ यमुना का मास्टर प्लान; PM की हरी झंडी का इंतजार

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नई दिल्ली

दिल्ली में यमुना को साफ करने को लेकर केंद्र और रेखा सरकार दोनों ही एक्शन मोड में नजर आ रही हैं। बताया जा रहा है कि यमुना को साफ करने के लिए मास्टर प्लान तैयार कर लिया गया है, उस मास्टर प्लान को बस पीएम मोदी की हरी झंडी का इंतजार है। असल में इस बार का मास्टर प्लान ज्यादा खास इसलिए है क्योंकि इसमें उन लोगों की सलाह को शामिल किया गया है जिन्होंने गुजरात में साबरमती नदी को साफ करने का काम किया था।

गुजरात में साबरमती रिवरफ्रंट की सक्सेस स्टोरी
अब जानकारी के लिए बता दें कि गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए पीएम मोदी का यह एक ड्रीम प्रोजेक्ट था, उन्हें साबरमती का पर एक रिवर फ्रंट तैयार करना था। अब वहां तो वो सपना साकार हो गया, उसी को अमलीजामा पहनाने का काम अब दिल्ली में करना है। चुनाव के दौरान ही पीएम मोदी ने दिल्ली वालों से वादा कर दिया था कि साबरमती की तर्ज पर यहां भी यमुना रिवर फ्रंट बनाया जाएगा। अब उस सपने को साकार करने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया गया है।

दिल्ली में कैसे साफ होगी यमुना?
असल में इस बार सबसे बड़ा बदलाव यह हुआ है कि उन लोगों से सलाह ली गई है जो पहले भी नदियों की सफाई कर चुके हैं, जो नतीजे देने के लिए जाने जाते हैं। अब उसी टीम की सलाह पर यमुना को साफ करने का प्लान बन रहा है। ऐसे में जानकार भी मानते हैं कि इस बार कुछ बड़े रिफॉर्म होते हुए दिख सकते हैं। वैसे एक तरफ मास्टर प्लान तैयार हो रहा है तो वहीं दूसरी तरफ TERI की तरफ से भी यमुना साफ करने को लेकर एक रणनीति बनाई गई है, कई सुझाव भी दिए गए हैं

TERI के बड़े सुझाव क्या हैं?
रिपोर्ट के मुताबिक सबसे बड़ा सुझाव TERI द्वारा यह दिया गया है कि मई 1994 वाले एक एग्रीमेंट में थोड़े बदलाव करने पड़ेंगे। असल में कई सालों से उन राज्यों के बीच में एक वॉटर शेयरिंग एग्रीमेंट चल रहा है जहां से होकर यमुना गुजरती है। लेकिन अब यह पता करने की जरूरत है कि आखिर यमुना जब उन राज्यों से दिल्ली में आती है, तब कितना प्रदूषण साथ लाती है। इसके अलावा कहा गया है कि दिल्ली में यमुना के पास में बड़े स्तर पर सैंड माइनिंग होती है, उस पर रोक लगना जरूरी है।

इसके अलावा अगर समय रहते राजधानी की छोटी और बड़ी हर ड्रेन को साफ कर दिया जाएगा, इसी के साथ अगर STP प्लांट्स की क्षमता को और ज्यादा बढ़ाया जाएगा, उससे भी यमुना को साफ करने में बड़ी मदद मिलेगी, कहना चाहिए जमीन पर परिणाम और जल्दी देखने को मिल जाएंगे।

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