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तमिलनाडु में परिसीमन और थ्री लैंग्वेज फॉर्मूले का विरोध तेज, बढ़ सकती हैं बीजेपी की मुश्किलें

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नई दिल्ली

तमिलनाडु में थ्री लैंग्वेज फॉर्मूला और परिसीमन का विरोध तेज होता जा रहा है। राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और डीएमके नेता और मुख्यमंत्री एम के स्टालिन अभी से माहौल तमिलनाडु बनाम केंद्र बना रहे हैं। वह हर रोज इन दो मुद्दों को उठा रहे हैं और तमिलनाडु के कल्चर की दुहाई दे रहे हैं। यह मुद्दा जितना बड़ा बनेगा उतना बीजेपी की मुश्किल बढ़ सकती है। बीजेपी साउथ के राज्यों में खासकर तमिलनाडु में अपने पैर जमाने की काफी वक्त से कोशिश कर रही है। लेकिन जिस तरह से तमिलनाडु में ये दो मुद्दे गरम हो रहे हैं उससे बीजेपी के सहयोगी भी दूर जाते दिख रहे हैं। हालांकि बीजेपी का कहना है कि उसे कोई दिक्कत नहीं होगी और वे लोगों को असल मुद्दे और डीएमके की असल मंशा समझाने में कामयाब होंगे।

स्टालिन ने 5 मार्च को ऑल पार्टी मीटिंग बुलाई
स्टालिन ने बुधवार यानी 5 मार्च को परिसीमन और थ्री लैंग्वेज फॉर्मूला मुद्दे पर ऑल पार्टी मीटिंग बुलाई है। स्टालिन ने सभी से अपील की है कि सभी पार्टियां मतभेद को अलग रखें और इस मुद्दे पर एकजुट हों क्योंकि यह तमिलनाडु के हक की बात है। एआईएडीएमके एक वक्त में एनडीए का हिस्सा रही है, हालांकि लोकसभा चुनाव में वह एनडीए के साथ नहीं थी और एआईएडीएमके नेता कह चुके हैं के विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी के साथ नहीं जाएंगे। एआईएडीएमके भी ऑल पार्टी मीटिंग में शामिल होगी। तमिलनाडु में बीजेपी की सहयोगी पीएमके है।

लोकसभा चुनाव भी बीजेपी और पीएमके ने मिलकर लड़ा था। ऑल पार्टी मीटिंग में जाने से जहां बीजेपी ने मना किया है वहीं पीएमके ऑल पार्टी मीटिंग में जा रही है। साथ ही पीएमके थ्री लैंग्वेज फॉर्मूला को लेकर भी अपना विरोध जता चुकी है। बीजेपी की सहयोगी क्या बीजेपी से छिटक जाएगी, इस तरह की चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि बीजेपी के एक नेता ने कहा कि ऑल पार्टी मीटिंग में जाने का मतलब यह नहीं है कि हमारे सहयोगी अलग हो रहे हैं।

सियासी घमासान तेज
वैसे स्टालिन जिस तरह से परिसीमन और थ्री लैंग्वेज फॉर्मूला के मुद्दे को लगातार पुश कर रहे हैं उससे लगभग सभी रीजनल पार्टियों में यह माहौल तो बन रहा है कि अगर इन मुद्दे पर वह नहीं बोले तो कहीं उन पर एंटी तमिल होने का टैग ना लगे। क्या इस स्थिति में बीजेपी आइसोलेट हो सकती है, यह बड़ा सवाल है। तमिलनाडु बीजेपी के अध्यक्ष के. अन्नामलाई कह चुके हैं कि सभी पार्टी को एक तरफ हो जाने दो बीजेपी इस मुद्दे पर अकेले खड़ी रहेगी।

क्या करेगी बीजेपी?
बीजेपी के एक नेता ने बताया कि मंगलवार शाम को बीजेपी की चेन्नै में कोर कमिटी मीटिंग है जिसमें हम आगे की रणनीति तय करेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने तमिलनाडु और तमिल भाषा के लिए काफी काम किया है, ये हम लोगों को बताएंगे। उन्होंने कहा कि हम लोगों को बताएंगे कि जो लोग थ्री लैंग्वेज फॉर्मूले का विरोध कर रहे हैं उनके बच्चे तो उन स्कूलों में पढ़ रहे हैं जहां थ्री लैंग्वेज पढ़ाई जाती है। गरीब के बच्चे सरकारी स्कूल में जाते हैं जहां दो भाषाएं ही पढ़ाई जाती हैं। तो अमीर के बच्चे तीन और गरीब के बच्चे दो ही भाषा क्यों पढ़ें।

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