9.8 C
London
Monday, May 11, 2026
Homeराज्यबृज यूनिवर्सिटी के कुलपति की 'कुर्सी' छिनी, भ्रष्टाचार का 'राज' खुला तो...

बृज यूनिवर्सिटी के कुलपति की ‘कुर्सी’ छिनी, भ्रष्टाचार का ‘राज’ खुला तो राज्यपाल ने किया सस्पेंड

Published on

भरतपुर/जयपुर :

राज्यपाल हरिभाऊ बागडे़ ने भरतपुर जिले के महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर रमेश चंद्र को सस्पेंड कर दिया है। उन पर विश्वविद्यालय में फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार करने के कई गंभीर आरोप लगे। इस मामले में भरतपुर संभागीय आयुक्त की प्राथमिक जांच में उन पर दोष प्रमाणित पाए गए। संभागीय आयुक्त की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही राज्यपाल ने सरकार से परामर्श कर कुलपति को सस्पेंड किया है। अब उनकी जगह त्रिभुवन शर्मा को कुलपति बनाया गया है।

संभागीय आयुक्त की जांच में वीसी दोषी प्रमाणित
महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय कुलपति प्रोफेसर रमेश चंद्र के खिलाफ विश्वविद्यालय के छात्र काफी समय से भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़ा करने के आरोप लगा रहे थे। इसको लेकर बीते दिनों राज्यपाल के सामने भी छात्रों ने वीसी पर आरोप लगाएं थे। छात्रों ने इसको लेकर राज्यपाल को लिखित में शिकायत भी दी। इसके बाद राज्यपाल के निर्देश पर भरतपुर के संभागीय आयुक्त ने मामले की जांच की। इस जांच में कुलपति पर फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार करने के आरोप प्रमाणित हुए। इसको लेकर संभागीय आयुक्त ने राज्यपाल को अपनी रिपोर्ट प्रेषित की। इसके बाद राज्यपाल ने सरकार से सलाह लेकर कुलपति को सस्पेंड कर दिया हैं।

राज्यपाल के सामने भी वीसी पर लगे थे ‘पैसे’ वाले गंभीर आरोप
बता दें कि गत 11 मार्च को राज्यपाल महाराजा सूरजमल बृज यूनिवर्सिटी का निरीक्षण करने पहुंचे, जहां उनकी मौजूदगी में पूर्व छात्र नितेश चैधरी ने कुलपति रमेश चंद्र पर गंभीर आरोप लगाए। दोनों राज्यपाल के सामने ही झगड़ने लगे। छात्र ने राज्यपाल के सामने यहां तक कह दिया था कि कुलपति तो पैसे कमाने आए हैं। इससे पहले भी 24 सितंबर 2024 को बीए की डिग्री कैंसिल करने के मामले में एक छात्र विष्णु खमेरा ने कुलपति का रास्ता रोक दिया था और उनसे सवाल पूछा कि आपने मेरी डिग्री कैसे कैंसिल कर दी, तब से वीसी रमेश चंद्र की कार्यशैली सवालों के घेरे में थी।

कुलपति को 2 साल पहले किया गया था नियुक्त
विश्वविद्यालय के कुलपति रमेश चंद्र को 2 साल पहले नियुक्त किया गया था, लेकिन इस दौरान उनका कार्यकाल काफी विवादों से भरा रहा। राज्यपाल ने उन्हें 8 मार्च 2023 को बृज विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया था, लेकिन इस कार्यकाल में कुलपति पर फर्जीवाड़ा करने और भ्रष्टाचार को लेकर कई गंभीर आरोप लगे। यहां तक की छात्रों की डिग्रियां कैंसिल करने के भी मामले सामने आए। इसको लेकर छात्रों ने राज्यपाल को लिखित में भी शिकायत की थी।

Latest articles

PM मोदी बोले- पेट्रोल-डीजल का कम करें उपयोग, भारत में तेल के कुएं नहीं

आज वर्क फ्रॉम होम की जरूरत, एक साल तक सोना न खरीदें बेंगलुरु/हैदराबाद। पीएम नरेंद्र...

भेल गांधी मार्केट में 13 साल बाद हुआ चुनाव, महेंद्र नामदेव ‘मोनू’ बने नए अध्यक्ष

व्यापारी संघ चुनाव: 95 प्रतिशत से अधिक हुआ मतदान, महेंद्र ने 57 मतों के...

भोपाल-जेवर एयरपोर्ट के बीच 1 जुलाई से शुरू होगी पहली फ्लाइट, NCR कनेक्टिविटी को मिलेगा बड़ा फायदा

भोपाल। राजा भोज एयरपोर्ट से जल्द ही यात्रियों को जेवर एयरपोर्ट के लिए सीधी...

More like this

तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बने विजय, 200 यूनिट फ्री बिजली का पहला ऑर्डर

चेन्नई। टीवीके चीफ सी जोसेफ विजय यानी थलापति विजय आज तमिलनाडु के सीएम पद...

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संकल्प और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से बदल रही है चिरमिरी की तस्वीर

रायपुर। चिरमिरी के एसईसीएल क्षेत्र में रहने वाले लोग पीढ़ियों से कोयले की खदानों...

मुख्यमंत्री की ‘गांव चलो’ मुहिम: जाजोद की गलियों में सुबह-सुबह पहुंचे भजनलाल शर्मा, बच्चों को बांटी चॉकलेट

राजस्थान। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 'गांव चली सरकार' अभियान के तहत शुक्रवार...