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बैंककर्मी बनकर की पहली कॉल…फिर इंस्पेक्टर की एंट्री, नामी सिंगर को ‘डिजिटल अरेस्ट’ करके हड़पे 1.2 करोड़

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मुंबई:

मुंबई में डिजिटल अरेस्ट का एक और बड़ा मामला सामने आया है। जालसाजों ने 70 साल के बुजुर्ग शास्त्रीय गायक को 18 दिनों तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा। इस दौरान उन्होंने 1.2 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए। जालसाजों ने उन पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया और 18 दिनों तक उनकी निगरानी की। जालसाजों ने इस दौरान कानूनी कार्रवाई की धमकी देने के बाद उन्हें फंड ट्रांसफर करने के लिए धमकाया। इस दौरान उन्होंने किसी से भी बात नहीं करने को कहा।

अज्ञात नंबर से आया कॉल
70 के दशक में देश के प्रसिद्ध हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक और संगीतकार रहे बुजुर्ग ने धोखाधड़ी का शिकार होने के बाद अब मुंबई पुलिस उत्तर क्षेत्र साइबर सेल में शिकायत की है। पुलिस ने बुजुर्ग की शिकायत पर मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में बुजुर्ग ने बताया कि है 31 जनवरी को एक अज्ञात नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने बैंक कर्मचारी होने का दावा किया और कहा कि उसका मोबाइल नंबर एक क्रेडिट कार्ड से जुड़ा हुआ है। जिस पर 1 लाख रुपये तक का बकाया है। बकाया राशि का भुगतान न करने पर उसे कानूनी कार्रवाई की धमकी दी गई। इसके बाद कॉल को एक पुलिस इंस्पेक्टर से जोड़ा गया।

मनी लॉन्ड्रिंग का दिखाया खौफ
पुलिस इंस्पेक्टर बनकर एक जालसाज ने वरिष्ठ नागरिक पर मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने का आरोप लगाया। शिकायतकर्ता को एक पत्र भी दिया गया जिसमें कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले की जांच कर रहा है। जालसाज ने दावा किया कि वरिष्ठ नागरिक का बैंक खाता 300 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ा हुआ है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि मनी लॉन्ड्रिंग से 2 करोड़ रुपये वरिष्ठ नागरिक के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। इसके अलावा 25 लाख रुपये का कमीशन भी मिला था।।

कैसे किया डिजिटल अरेस्ट?
शिकायत में बुजुर्ग ने बताया है कि जालसाजों किसी से बात करने से मना किया गया और चेतावनी दी गई कि उन पर नज़र रखी जा रही है। घर से बाहर निकलने से पहले उन्हें जालसाजों से अनुमति लेनी होगी। बुजुर्ग ने उनके निर्देश पर सावधि जमा और म्यूचुअल फंड को भुनाया। उन्होंने पांच लेन-देन में आरटीजीएस के माध्यम से 1.2 करोड़ रुपये का भुगतान किया। जब उसे एहसास हुआ कि उसके साथ धोखा हुआ है, तो उसने साइबर पुलिस से संपर्क किया। साइबर हेल्पलाइन ‘1930’ की सहायता से, वरिष्ठ नागरिक के लगभग 13 लाख रुपये ब्लॉक किए गए। इसके अलावा जालसाजों से जुड़े 30 से अधिक बैंक खातों को साइबर पुलिस ने फ्रीज कर दिया है।

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