बोकारो,
बोकारो स्टील प्लांट में अप्रेंटिसशिप कर रहे युवाओं का आंदोलन 3 अप्रैल 2025 को हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़कर इस्पात भवन में घुसने की कोशिश की। इस दौरान CISF जवानों ने लाठीचार्ज किया, जिसमें एक युवा प्रेम महतो की मौत हो गई। घटना के बाद BSL और CISF के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
युवाओं पर लाठीचार्ज
ध्यान रहे कि बोकारो स्टील प्लांट में अप्रेंटिसशिप कर रहे विस्थापित युवाओं का आंदोलन उग्र हो गया। गुरुवार, 3 अप्रैल 2025 को शाम करीब 5 बजे यह घटना हुई। युवा बैरिकेडिंग तोड़कर इस्पात भवन के अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे। तभी सुरक्षा में तैनात CISF के जवानों ने लाठीचार्ज कर दिया। इस लाठीचार्ज में 4 युवा घायल हो गए। घायलों में से एक, प्रेम महतो (32) की इलाज के दौरान मौत हो गई। वह हरला थाना क्षेत्र के शिबूटांड़ गांव का रहने वाला था।
विस्थापितों पर लाठीचार्ज
खबर है कि विस्थापितों ने भी लाठी-डंडे चलाए। इससे दोनों तरफ के लोगों को चोटें आई हैं। कुछ देर के लिए मामला शांत हो गया था। तभी फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी वहां से गुजरी। विस्थापितों ने गाड़ी को रोक दिया और CISF के वाहन के शीशे तोड़ दिए। इसके बाद CISF के जवानों ने फिर से लाठीचार्ज कर दिया।
लाठीचार्ज पर सफाई
बोकारो की उपायुक्त विजया जाधव ने लाठीचार्ज के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रेट नियुक्त किया है। लाठीचार्ज CISF ने किया है। एसडीओ और अन्य बड़े अधिकारी भी मौके पर तैनात हैं। उन्होंने यह भी बताया कि BSL और CISF के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। आज सुबह 8 बजे युवा अपनी मां, पत्नी और बच्चों के साथ कंपनी के गेट पर पहुंचे थे।
सुबह क्या हुआ?
उसके बाद उन्होंने मुख्य गेट को जाम कर दिया। प्लांट में जाने वाले कर्मचारियों और वहां से गुजरने वाले वाहनों को रोका। युवाओं की प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की और बहस भी हुई। शाम 5 बजे बैरिकेडिंग तोड़कर इस्पात भवन में घुसने की कोशिश के बाद स्थिति बिगड़ गई। लाठीचार्ज के बाद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के वाहनों के शीशे भी तोड़ दिए। इस घटना से इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
तनावपूर्ण हालात, बढ़ा आक्रोश
प्रेम महतो की मौत के बाद प्रदर्शनकारियों में आक्रोश और बढ़ गया. बड़ी संख्या में विस्थापित एडीएम बिल्डिंग और बोकारो जनरल अस्पताल के बाहर इकट्ठा हो गए हैं. विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, वो अपना आंदोलन और तेज करेंगे. स्थिति को काबू में लाने के लिए प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है.
घटना की खबर मिलते ही कांग्रेस विधायक स्वेता सिंह मौके पर पहुंचीं. उन्होंने सरकार और बीएसएल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विस्थापितों से उनकी जमीन ले ली गई, लेकिन जब वे नौकरी मांगने आए तो उन पर लाठियां बरसाई गईं. उन्होंने यह भी कहा कि एक युवक की मौत इस लाठीचार्ज के कारण हुई है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अन्यायपूर्ण है.
इस घटना को लेकर स्थानीय प्रशासन और बीएसएल के अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं. सूत्रों के अनुसार, प्रशासन स्थिति को सामान्य करने की कोशिश कर रहा है. विस्थापितों ने साफ कर दिया है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वो अपना आंदोलन और उग्र करेंगे.
