चेन्नई
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से पूरे देश में आक्रोश का माहौल है। मंगलवार को कश्मीर के पहलगाम में 26 लोगों को एक आतंकी हमले में मौत के घाट उतार दिया गया। इसका खेल जगत में भी जमकर विरोध हुआ। विराट कोहली, रोहित शर्मा, सुरेश रैना, जसप्रीत बुमराह जैसे क्रिकेटर्स ने इस हमले पर अपनी प्रतिक्रिया कड़े शब्दों में दी। हालांकि इस पूरे मामले पर सीएसके के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। इसके पीछे एक बड़ा कारण यह भी है कि धोनी सोशल मीडिया पर ज्यादा एक्टिव नहीं हैं।
धोनी और सीएसके की प्रतिक्रिया नहीं
पहलगाम हमले के बाद आईपीएल में अबतक हर एक टीम ने इसका विरोध किया है। सबसे पहले मुंबई इंडियंस और सनराइजर्स हैदराबाद ने अपने मैच में काली पट्टी बांह पर पहनी थी। वहीं उस मैच में कप्तान हार्दिक पंड्या और पैट कमिंस ने भी इस हमले को लेकर शोक व्यक्त किया था। बाद में मैच से पहले एक मिनट का शोक भी रखा गया था। वहीं अगले मैच में आरसीबी और राजस्थान की टीम ने भी बांह पर काली पट्टी बांधकर मैच खेला था। हालांकि सीएसके की ओर से ऐसा कुछ नहीं दिखा।
सीएसके के खिलाड़ियों ने नहीं बांधी पट्टी
सीएसके के खिलाड़ियों ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच में काली पट्टी नहीं पहनी है। धोनी ने इस हमले को लेकर कुछ भी पोस्ट नहीं किया, जिसके चलते लोग सोशल मीडिया पर उनको जमकर ट्रोल भी करते हुए नजर आए। हालांकि धोनी अपने इंस्टाग्राम पर बहुत कम पोस्ट करते हैं। ट्विटर पर तो उन्होंने लंबे समय से कोई पोस्ट किया ही नहीं है। ऐसे में हो सकता है कि पहलगाम के मामले को लेकर भी वो इसलिए ही शांत रहे हों।
सेना में धोनी को पद
एमएस धोनी भारतीय प्रादेशिक सेना की पैराशूट रेजिमेंट में लेफ्टिनेंट कर्नल की मानद रैंक रखते हैं। भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान और देश के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के सम्मान में, 2011 में भारतीय सेना द्वारा उन्हें यह सम्मान दिया गया था। उन्होंने 2015 में लेफ्टिनेंट कर्नल के रूप में कश्मीर में भारतीय सेना के साथ गश्त और गार्ड ड्यूटी भी की थी।
26 लोगों की चली गई जान
पहलगाम में मंगलवार को दर्दनाक हमला हुआ। 26 लोगों को आंतकवादियों ने अपना निशाना बना लिया। इसमें से ज्यादातर लोग वो थे जो पहलवाम में घूमने गए हुए थे। आंतकवादियों ने धर्म के आधार पर लोगों के ऊपर अपनी गोलियां बरसाईं। जिसके बाद भारत सरकार ने एक्शन लेते हुए सिंधु नदी का पानी रोक दिया। इसके अलावा पाकिस्तान को लेकर और भी कई कड़े फैसले भारत सरकार ने ले लिए।
